पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक महीने का वेतन देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए लोगों से भी राहत कोष में योगदान करने की अपील की है।
CM सम्राट चौधरी ने दिया 2.70 लाख रुपये का चेक
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना स्थित लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ में मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2.70 लाख रुपये का चेक सौंपा। यह राशि उनके एक महीने के वेतन के बराबर बताई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कोष के जरिए आपदा से प्रभावित और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने सक्षम लोगों से भी इस राहत प्रयास में सहयोग करने की अपील की।
BJP ने राहत कोष में दिए 51 लाख रुपये
इससे पहले बिहार भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये का योगदान दिया गया। 18 सितंबर को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चेक सौंपा था। बिहार मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से भी इस योगदान की पुष्टि की गई है।
BJP सांसदों, विधायकों और MLC से एक महीने के वेतन की अपील
भाजपा की ओर से बिहार के पार्टी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों से भी एक-एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की गई है। पार्टी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए अपने कार्यकर्ताओं से भी सहयोग करने की अपील की है।
नितिन नवीन ने भी तीन महीने का वेतन दिया
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने बिहार बाढ़ राहत के लिए 6.35 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए हैं। यह राशि उनके तीन महीने के सांसद वेतन के बराबर बताई गई है।
राहत और बचाव कार्यों का भी किया जा रहा है दावा
नितिन नवीन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत शिविर, सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सुविधाएं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है। बचाव अभियान के लिए NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात हैं। फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को सहायता देने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया है।
बिहार सरकार के अनुसार, पहले चरण में बाढ़ प्रभावित सत्यापित परिवारों को प्रति परिवार 7,000 रुपये की अनुग्रह राहत DBT के जरिए दी गई है। 15 सितंबर तक 8.27 लाख से अधिक परिवारों के खातों में कुल 579.23 करोड़ रुपये भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।
