रांची: झारखंड के 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने फिलहाल अपना प्रस्तावित आंदोलन 20 दिनों के लिए टाल दिया है। 16 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद कर्मचारियों को उनकी लंबित मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिला। इसके बाद झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री ने कर्मचारियों की मांगों पर अगले 15 से 20 दिनों के भीतर विचार कर समाधान का भरोसा दिया है। संघ ने इसी आश्वासन के आधार पर फिलहाल आंदोलन रोकने का फैसला किया है।
6 अक्टूबर से दोबारा शुरू होगा आंदोलन
संघ ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में मांगों पर ठोस समाधान नहीं हुआ, तो 6 अक्टूबर से आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा। विरोध का कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा।
पहले चरण में 6 से 9 अक्टूबर तक एंबुलेंस कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करेंगे।
इसके बाद 9 अक्टूबर को सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
12 अक्टूबर को कर्मचारियों की ओर से सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष भिक्षाटन कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई है।
वहीं 14 अक्टूबर को सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
16 अक्टूबर को प्रस्तावित पूर्ण हड़ताल
आंदोलन के अगले चरण में 16 अक्टूबर को राज्यभर में एक दिन की पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया गया है। इस दौरान नामकुम स्थित एनएचएम कार्यालय के सामने भी कर्मचारियों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ के अनुसार, इसके बावजूद मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इसके साथ विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन भी किए जाएंगे।
शांतिपूर्ण आंदोलन की बात
एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने कहा है कि आंदोलन के सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किए जाएंगे। संघ को उम्मीद है कि सरकार अपने आश्वासन के मुताबिक कर्मचारियों की लंबित मांगों पर समय रहते निर्णय लेगी और आंदोलन की अगली स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
