छपरा: सारण जिले में शहरी क्षेत्र का दायरा बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। नगर निकायों के गठन, क्षेत्र विस्तार और उत्क्रमण से जुड़े 15 प्रस्तावों पर गुरुवार को सोनपुर में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने की।
बैठक में छपरा नगर निगम और सोनपुर नगर परिषद की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव के साथ कई नए नगर निकायों के गठन और मौजूदा नगर पंचायतों को नगर परिषद में अपग्रेड करने पर विचार किया गया। हालांकि, इन प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के लिए अभी आगे की विभागीय प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है।
प्रस्तावित योजना के तहत दरियापुर (बेला), तरैया, बनियापुर, इसुआपुर, नगरा, पानापुर, गरखा और मकेर में नई नगर पंचायतें गठित करने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं अमनौर में नगर परिषद के गठन की योजना पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा रिविलगंज, मढ़ौरा, परसा और दिघवारा नगर पंचायतों को नगर परिषद में उत्क्रमित करने का प्रस्ताव बैठक में रखा गया। इस तरह सारण में मौजूदा शहरी निकायों के विस्तार के साथ नए क्षेत्रों को नगर निकाय व्यवस्था के दायरे में लाने की तैयारी है।
बैठक में अधिकारियों ने प्रस्तावित निकायों से संबंधित क्षेत्रफल, जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और नक्शे समेत अन्य जानकारियां समिति के सदस्यों के सामने रखीं। नगर निकाय के गठन या उत्क्रमण में निर्धारित मानकों के अलावा स्थानीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, आबादी और लोगों की आजीविका व व्यवसाय जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाता है।
प्रस्तावों में छपरा नगर निगम और सोनपुर नगर परिषद के क्षेत्र विस्तार को भी शामिल किया गया है। इससे दोनों प्रमुख शहरी क्षेत्रों के आसपास के इलाकों को भविष्य में नगर निकाय सीमा में शामिल किए जाने का रास्ता खुल सकता है।
नगर निकायों से जुड़े इन प्रस्तावों पर पिछले दिनों से प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। इससे पहले जिले में नए नगर निकायों के गठन और मौजूदा निकायों के विस्तार को लेकर प्रस्ताव तैयार करने की कवायद शुरू होने की जानकारी सामने आई थी।
बैठक में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष सह सोनपुर विधायक विनय सिंह, तरैया विधायक जनक सिंह, विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह और वीरेंद्र नारायण यादव समेत समिति के अन्य सदस्य तथा जिला और अनुमंडल स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
फिलहाल सभी 15 प्रस्ताव प्रक्रिया के चरण में हैं। विभागीय स्तर पर समीक्षा और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इनके संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
