पटना में गुरुवार को दीपोत्सव कार्यक्रम के चलते कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। प्रधानमंत्री के सेवा संकल्प के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंदिरी स्थित नवीन सिन्हा पथ पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसे देखते हुए पटना ट्रैफिक पुलिस ने आम वाहन चालकों के लिए समयबद्ध ट्रैफिक प्लान जारी किया है।
यातायात व्यवस्था में बदलाव दोपहर से शुरू होकर रात तक लागू रहेगा। इस दौरान कुछ रास्तों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी, जबकि कुछ मार्गों पर ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा।
दोपहर 2 बजे से मंदिरी नाला का पश्चिमी फ्लैंक बंद
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक मंदिरी नाला के पश्चिमी फ्लैंक पर सामान्य वाहनों का परिचालन बंद रहेगा।
कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों और लोगों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है। इस अवधि में वाहन चालकों को मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ना होगा।
शाम 5 बजे से आयकर गोलंबर-बांस घाट मार्ग पर डायवर्जन
दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम के दौरान शाम 5 बजे से रात 8:30 बजे तक आयकर गोलंबर से बांस घाट के बीच यातायात सामान्य रूप से संचालित नहीं होगा।
इस रूट से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा। इसके चलते आसपास की सड़कों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों का दबाव बढ़ सकता है।
किन लोगों को रखना होगा विशेष ध्यान?
जिन लोगों का रोजाना आवागमन आयकर गोलंबर, मंदिरी, नवीन सिन्हा पथ या बांस घाट की ओर होता है, उन्हें गुरुवार शाम यात्रा से पहले अपने रूट की जानकारी ले लेनी चाहिए।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:
- निर्धारित समय में इस मार्ग पर अनावश्यक यात्रा से बचें।
- घर से निकलने से पहले वैकल्पिक रास्ते की योजना बनाएं।
- मौके पर मौजूद यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
- कार्यक्रम के दौरान जाम की स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें।
रात तक लागू रहेगी बदली हुई व्यवस्था
पुलिस ने बताया कि दीपोत्सव कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात प्रबंधन किया गया है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें और यात्रा के दौरान ट्रैफिक अपडेट पर ध्यान दें।
यात्रा से पहले संबंधित मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लेना बेहतर रहेगा, क्योंकि कार्यक्रम और भीड़ के अनुसार यातायात व्यवस्था में अतिरिक्त बदलाव भी किया जा सकता है।
