पांच दिवसीय भारत दौरे के बाद IMF उप प्रबंध निदेशक ने कहा- मजबूत आर्थिक आधार और नीतिगत ढांचा भारत को वैश्विक विकास में अहम भूमिका निभाने में मदद कर रहा है.
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के उप प्रबंध निदेशक नाइजेल क्लार्क ने भारत की आर्थिक क्षमता और विकास की दिशा की सराहना की है। 7 से 11 सितंबर तक भारत के दौरे के बाद जारी बयान में क्लार्क ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में प्रमुख बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत आर्थिक आधार और नीतिगत ढांचा देश को वैश्विक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद कर रहा है।
क्लार्क ने वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता के बीच व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और ऐसे सुधारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया, जो उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत कर सकें।
दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में हुई अहम बैठकें
भारत यात्रा के दौरान नाइजेल क्लार्क ने नई दिल्ली, मुंबई और चेन्नई का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी सहित वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
IMF के अनुसार, इन बैठकों में भारत के आर्थिक परिदृश्य, बदलते वैश्विक माहौल और सतत एवं समावेशी विकास को बनाए रखने के लिए जरूरी नीतिगत प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई।
निजी क्षेत्र और तकनीकी क्षमता की भी तारीफ
IMF अधिकारी ने भारत के निजी क्षेत्र की सक्रियता, प्रतिभाशाली मानव संसाधन और तकनीकी एवं विनिर्माण क्षेत्र में हो रहे बदलावों को भी महत्वपूर्ण बताया।
उनके मुताबिक, नवाचार, डिजिटल परिवर्तन, उन्नत विनिर्माण और नई तकनीकों को अपनाने से उत्पादकता बढ़ाने और उच्च मूल्य वाली आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने में मदद मिल सकती है। क्लार्क ने कहा कि भारत में वैश्विक आर्थिक विकास की अगली लहर को गति देने की क्षमता मौजूद है।
महंगाई पर नियंत्रण और सुधारों को जारी रखने पर जोर
वैश्विक आर्थिक जोखिमों के बीच IMF ने भारत के लिए व्यापक आर्थिक स्थिरता और लचीलेपन को बनाए रखना महत्वपूर्ण बताया। क्लार्क ने नीतियों में जरूरत के मुताबिक बदलाव की क्षमता बनाए रखने, महंगाई को नियंत्रित रखने और उत्पादकता बढ़ाने वाले सुधारों को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।
IMF के जुलाई 2026 के अनुमान के अनुसार, भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 2026 में 6.4 प्रतिशत और 2027 में 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।
कौशल विकास और जिम्मेदार तकनीकी इस्तेमाल जरूरी
क्लार्क ने भारत के युवा कार्यबल के कौशल विकास में लगातार निवेश की जरूरत पर भी जोर दिया। IMF के अनुसार, तकनीकी बदलाव का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए कौशल विकास और तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल पर ध्यान देना जरूरी होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल परिवर्तन और तकनीकी प्रगति को उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के साथ जोड़ा जा सकता है। IMF ने भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को भी दीर्घकालिक विकास की एक महत्वपूर्ण बुनियाद बताया है।
वैश्विक विकास में भारत की भूमिका पर जोर
नाइजेल क्लार्क ने भारत को वैश्विक विकास का एक महत्वपूर्ण चालक बताते हुए कहा कि देश में मौजूद आर्थिक आधार, निजी क्षेत्र की क्षमता और तकनीकी विकास आने वाले समय में इसकी भूमिका को और मजबूत कर सकते हैं।
उन्होंने बहुपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय देशों के साथ सहयोग के लिए भारत के समर्थन की भी सराहना की। IMF ने कहा कि वह भारत के साथ आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों पर साझेदारी जारी रखेगा।
