सितंबर के आखिरी सप्ताह से नई व्यवस्था शुरू होने की तैयारी, मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श के लिए मिलेगा ज्यादा समय
पटना। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में डायबिटीज, थायराइड, लिवर और पाचन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए ओपीडी की सुविधा बढ़ाई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने एंडोक्राइनोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की ओपीडी को सप्ताह में दो दिन के बजाय छह दिन संचालित करने की तैयारी की है।
नई व्यवस्था सितंबर के अंतिम सप्ताह से लागू किए जाने की संभावना है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दोनों विभागों में तीन-तीन विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हैं। ओपीडी के अतिरिक्त दिनों में संचालन से मरीजों को इलाज और विशेषज्ञ परामर्श के लिए अधिक अवसर मिल सकेंगे।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए फैसला
PMCH में इन दोनों विभागों की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। मौजूदा व्यवस्था में सप्ताह में सीमित दिनों तक ओपीडी चलने के कारण मरीजों की संख्या एक साथ बढ़ जाती है। इससे प्रतीक्षा समय बढ़ने के साथ कई मरीजों को अगली ओपीडी का इंतजार करना पड़ता है।
अस्पताल प्रशासन का अनुमान है कि सप्ताह में छह दिन ओपीडी चलने पर दोनों विभागों में हर सप्ताह एक हजार से अधिक अतिरिक्त मरीजों को देखा जा सकेगा। इससे मरीजों की भीड़ को अलग-अलग दिनों में बांटने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
नए भवन में शिफ्ट होंगे पांच विभाग
PMCH में ओपीडी व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ विभिन्न विभागों को नए भवन में स्थानांतरित करने का काम भी किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मरीजों को एक ही परिसर में अधिक विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराना है।
नए भवन में स्त्री एवं प्रसूति, नेत्र, मेडिसिन और ईएनटी सहित कई विभागों की ओपीडी पहले से संचालित हो रही है। अब पांच और विभागों को यहां स्थानांतरित करने की तैयारी है।
इनमें सर्जरी, हड्डी रोग, प्लास्टिक सर्जरी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और न्यूरो मेडिसिन विभाग शामिल हैं।
एक ही परिसर में मिलेंगी कई सेवाएं
पांच नए विभागों के स्थानांतरण के बाद मरीजों को अलग-अलग भवनों में जाने की जरूरत कम होगी। PMCH में पटना के साथ-साथ बिहार के दूसरे जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
ओपीडी के दिनों में वृद्धि और विभागों को एक परिसर में व्यवस्थित करने से मरीजों की आवाजाही और भीड़ प्रबंधन को बेहतर करने में मदद मिल सकती है। खासकर विशेषज्ञ चिकित्सा की जरूरत वाले मरीजों को परामर्श के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।
सितंबर के अंत तक लागू हो सकती है नई व्यवस्था
अस्पताल प्रशासन की योजना के मुताबिक एंडोक्राइनोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की छह दिवसीय ओपीडी व्यवस्था सितंबर के अंतिम सप्ताह तक शुरू की जा सकती है। इसके लागू होने के बाद दोनों विभागों में विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को पहले की तुलना में अधिक दिनों तक परामर्श की सुविधा मिल सकेगी।
