एक साल से शिक्षकों के तबादले नहीं हुए, पहले चुनाव तो अब परीक्षा के कारण टले
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में बोर्ड की परीक्षाएं होने तक शिक्षकों के वार्षिक तबादले नहीं होंगे। इस अवधि तक प्रतिनियुक्ति पर भी रोक रहेगी। परीक्षाओं के बाद ही स्कूल शिक्षा विभाग तबादले करेगा।यह प्रक्रिया अप्रैल-मई तक शुरू होने के आसार हैं। इसके चलते शिक्षकों को तबादलों के लिए और इंतजार करना होगा। प्रदेश के तमाम शिक्षक एक साल से भी ज्यादा समय से वार्षिक तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। दूरदराज क्षेत्रों में लंबे समय से पढ़ा रहे शिक्षक अपने घरों के आसपास और शहरों में नहीं आ पाए हैं। वर्ष 2024 की शुरुआत में लोकसभा और फिर विधानसभा चुनाव के चलते वार्षिक तबादले नहीं हो पाए।
अक्तूबर में नई सरकार बनने के बाद पहल शुरू हुई, लेकिन स्कूलों में शीतकालीन सत्र शुरू हो जाने के कारण प्रक्रिया फिर से अटक गई। ज्यादा सर्दी वाले इलाकों के स्कूलों में कक्षा आठवीं तक की परीक्षाएं इस दौरान होनी थीं। अब शिक्षा विभाग बोर्ड परीक्षाओं के बाद ही तबादला प्रक्रिया शुरू करेगा, ताकि स्कूलों में सुचारु रूप से बच्चों की पढ़ाई हो सके। वहीं, जनरल लाइन टीचर फोरम के प्रदेश अध्यक्ष नीरज शर्मा का कहना है कि प्रदेश की सरकार वार्षिक तबादला अभियान के बजाय नई तबादला नीति बनाए, क्योंकि पहले की नीति में बहुत खामियां हैं।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जम्मू जिला के अध्यक्ष पवन शर्मा का कहना है कि सरकार की ओर से वार्षिक तबादलों को नियमित किया जाना चाहिए। शिक्षकों की पदोन्नति भी रुकी हुई है। इस तरफ सरकार को प्राथमिकता से ध्यान देने की जरूरत है, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके
वार्षिक तबादलों के लिए 2023 में बनी थी नीतिस्कूल शिक्षा विभाग ने वार्षिक तबादले के लिए 2023 में नीति बनाई। इसके तहत भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार पांच जोन तय किए गए हैं। जोन एक से लेकर तीन तक के क्षेत्र शहर के आसपास के होते हैं। यहां तैनाती पाने वाले शिक्षक का न्यूनतम कार्यकाल तीन साल होता है, जबकि जोन चार में दो साल और जोन पांच में एक साल का कार्यकाल होता है। क्योंकि ये दुर्गम इलाके होते हैं। सीईओ, प्रिंसिपल, हेडमास्टर और जोनल शिक्षा अधिकारी स्तर के कर्मचारियों का एक स्थान पर कार्यकाल न्यूनतम दो वर्ष और अधिकतम तीन वर्ष होता है। स्कूल शिक्षा विभाग तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगता है।शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शांतमनु ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव के चलते आचार संहिता लागू थी, जिसके चलते समय पर शिक्षकों के तबादले नहीं हो पाए थे। शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन कर रखा है। बोर्ड परीक्षाएं पूरी होने के बाद शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया शुरू करेंगे।



