चक्रधरपुर: तीज पर्व के अवसर पर सोमवार को चक्रधरपुर और आसपास के इलाकों में सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने अपने पति के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना के साथ दिनभर व्रत रखा और शाम को मंदिरों में तीज व्रत की कथा सुनी।
चक्रधरपुर के बाटा रोड स्थित हनुमान मंदिर, पुरानी रांची रोड के तुलसी मंदिर, टाउन काली मंदिर और प्रखंड कार्यालय के पास स्थित दुर्गा मंदिर समेत कई धार्मिक स्थलों पर महिलाओं की भीड़ रही। सोनुवा बस स्टैंड स्थित शिव मंदिर में भी महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा की।
मंदिरों में हुई सामूहिक पूजा
कई स्थानों पर महिलाओं ने एक साथ पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान शिव-पार्वती की आराधना के साथ तीज की पारंपरिक कथा सुनी गई। महिलाओं ने पर्व से जुड़े पारंपरिक गीत भी गाए, जिससे मंदिरों और आसपास के इलाकों में उत्सव का माहौल बना रहा।
कई सुहागिनों ने अपने घरों में भी तीज की पूजा की। परिवार की महिलाओं ने एकत्र होकर पूजा की और पर्व की परंपराओं का पालन किया।
निर्जला व्रत और शिव-पार्वती पूजन की परंपरा
चक्रधरपुर के बाटा रोड स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी अनंत पाठक ने बताया कि तीज पर निर्जला व्रत रखने और भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा करने की परंपरा है। शाम के समय व्रत कथा सुनने का भी विधान बताया गया है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती की आराधना से वैवाहिक सुख और परिवार की समृद्धि की कामना की जाती है।
घरों में बने पारंपरिक पकवान
तीज को लेकर घरों में भी विशेष तैयारी देखने को मिली। महिलाओं ने पूजा के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने के साथ विभिन्न तरह के पारंपरिक पकवान तैयार किए। कई घरों में गुजिया, ठेकुआ सहित अन्य व्यंजन बनाए गए।
पूरे क्षेत्र में तीज को लेकर महिलाओं में उत्साह नजर आया और मंदिरों के साथ घरों में भी धार्मिक गतिविधियां होती रहीं।
