Ranchi News: दारोगा से इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति के लिए जारी वरीयता सूची को चुनौती देने वाली याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। अब इस मामले पर 15 सितंबर को फिर सुनवाई होगी।
अदालत ने 9 सितंबर 2024 को जारी पुलिस विभाग की वरीयता सूची के आधार पर होने वाली प्रोन्नति पर पहले से लगी रोक को बरकरार रखा है।
उत्तम तिवारी समेत अन्य ने दाखिल की है याचिका
याचिका प्रार्थी उत्तम तिवारी एवं अन्य की ओर से दाखिल की गई है। प्रार्थियों की नियुक्ति वर्ष 2018 में विज्ञापन संख्या 5/2017 के आधार पर दारोगा पद पर सीधी भर्ती के माध्यम से हुई थी।
प्रार्थियों ने पुलिस विभाग की 9 सितंबर 2024 की वरीयता सूची को चुनौती दी है। उनका कहना है कि सीधी नियुक्ति से दारोगा बने अभ्यर्थियों को वरीयता सूची में ऊपर रखा जाना चाहिए।
सीमित विभागीय परीक्षा से दारोगा बने कर्मियों को मिली प्राथमिकता
पुलिस विभाग की ओर से तैयार वरीयता सूची में सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा के विज्ञापन संख्या 9/2017 के जरिए सिपाही से दारोगा बने कर्मियों को ऊपर स्थान दिया गया है। इसी व्यवस्था पर प्रार्थियों ने आपत्ति जताई है।
याचिका में कहा गया है कि सीधी नियुक्ति से दारोगा बनने वाले अधिकारियों की वरिष्ठता को उचित स्थान नहीं दिया गया है। इसी विवाद को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।
मई 2026 में लगी थी प्रोन्नति पर रोक
इस मामले में 12 मई 2026 को हाईकोर्ट ने 9 सितंबर 2024 की वरीयता सूची के आधार पर होने वाली प्रोन्नति पर रोक लगा दी थी। बाद में राज्य सरकार की ओर से हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर इस रोक को हटाने का अनुरोध किया गया।
सोमवार की सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन ने पक्ष रखा। वहीं, प्रतिवादियों की ओर से वरीय अधिवक्ता नवनीति प्रसाद सिंह के साथ अधिवक्ता श्रेष्ठ गौतम, इंद्रजीत सिन्हा, अर्पण मिश्रा, अमृतांश वत्स और कुमार हर्ष ने अदालत में दलीलें पेश कीं।
अब मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। तब तक 9 सितंबर 2024 की वरीयता सूची के आधार पर प्रोन्नति पर रोक जारी रहेगी।
