डलहौजी (चंबा)। खैरी-बनीखेत मार्ग पर हुए कार हादसे में एनएचपीसी की लापरवाही सामने आई है। यदि सड़क के किनारे क्रैश बैरियर या पैराफिट लगे होते तो कार के खाई में गिरने से बच सकती थी। मगर सड़क किनारे लगा पैराफिट पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त था, जिसकी मरम्मत आजतक नहीं की गई।
रविवार को जब जम्मू-कश्मीर के बसोली से आया परिवार बगढ़ार जा रहा था। इस दौरान ढुलार के पास चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया। सड़क किनारे कोई सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण कार सीधी 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि एक बच्ची की मौत हो गई।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना था कि यदि क्रैश बैरियर लगे होते या क्षतिग्रस्त पैराफिट को पहले ही दुरुस्त किया गया होता तो शायद यह हादसा टल सकता था। एनएचपीसी की लापरवाही के चलते एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
बिना डॉक्टर और नर्स के पहुंची एंबुलेंसहादसे के बाद मौके पर पहुंची एनएचपीसी की एंबुलेंस भी सुविधाओं के अभाव से जूझती नजर आई। इस एंबुलेंस में न तो डॉक्टर था और न ही कोई नर्स। घायलों को मौके पर कोई प्राथमिक उपचार नहीं मिला। चालक घायलों को सीधे अस्पताल लेकर चला गया। इतना ही नहीं, एंबुलेंस में स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं थी, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में और भी परेशानी हुई।



