Saturday, September 12, 2026

जसीडीह बाईपास रेल लाइन पर ट्रेन संचालन को हरी झंडी, हर ट्रेन का 35-45 मिनट बचेगा समय.

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रांची: जसीडीह बाईपास रेल लाइन पर यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के परिचालन का रास्ता साफ हो गया है। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर ने करीब 4.905 किलोमीटर लंबी रेल लाइन पर ट्रेनों के संचालन को मंजूरी दे दी है। नई लाइन के शुरू होने से जसीडीह जंक्शन पर परिचालन से जुड़ी कई प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कम होगा।

ट्रेनों के समय में होगी बचत

बाईपास लाइन चालू होने के बाद जसीडीह जंक्शन पर कुछ ट्रेनों को इंजन बदलने या ट्रेन की दिशा बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे एक ट्रेन के संचालन में करीब 35 से 45 मिनट तक की बचत होने का अनुमान है।

रेलवे के व्यापक परिचालन की बात करें तो इस वैकल्पिक मार्ग से करीब 60 से 90 मिनट तक समय बचने की उम्मीद है। इससे ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुचारु बनाने में भी मदद मिलेगी।

मालगाड़ियों के लिए आसान होगा रास्ता

नई रेल लाइन के चालू होने से दुमका, बांका और हरलातांड़ की दिशा में मालगाड़ियों के आवागमन को सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही देवघर-कटोरिया-बांका-सुल्तानगंज होते हुए किऊल की ओर जाने के लिए रेलवे के पास एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध हो जाएगा।

वैकल्पिक रेल मार्ग मिलने से मौजूदा लाइनों पर ट्रेनों के परिचालन का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

100 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी अधिकतम रफ्तार

जसीडीह बाईपास रेल लाइन पर ट्रेनें अधिकतम 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकेंगी। इस परियोजना को तैयार करने में करीब 293.67 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

परियोजना के तहत नए ब्लॉक स्टेशन का निर्माण, बड़े आरसीसी बॉक्स ब्रिज का निर्माण और पहाड़ी हिस्से को काटकर रेल लाइन बिछाने जैसे महत्वपूर्ण काम किए गए हैं।

रेलवे परिचालन को मिलेगा नया विकल्प

बाईपास लाइन के चालू होने से जसीडीह क्षेत्र में रेल परिचालन को एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इससे खास तौर पर मालगाड़ियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और ट्रेनों के संचालन में लगने वाले अतिरिक्त समय को कम करने में मदद मिलने की संभावना है।

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