Thursday, September 10, 2026

Jharkhand News: समग्र शिक्षा फंड की निकासी के नियम बदले, 25 लाख से ज्यादा पर DC की अनुमति अनिवार्य.

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रांची: झारखंड में समग्र शिक्षा अभियान के तहत मिलने वाली राशि के इस्तेमाल को लेकर वित्तीय प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब जिलों में 25 लाख रुपये से अधिक की राशि निकालने के लिए उपायुक्त (DC) की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। वहीं, 25 लाख रुपये तक की राशि की निकासी के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) या जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) अधिकृत होंगे।

नए दिशा-निर्देश में राशि की निकासी और उसके खर्च से जुड़ी जिम्मेदारियों को अलग-अलग प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट करने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को नामित किया जाएगा।

बड़ी रकम के लिए उच्चस्तरीय अनुमति जरूरी

समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों और शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के लिए जिलों को राशि उपलब्ध कराई जाती है। नई व्यवस्था के तहत बड़ी रकम की निकासी को उच्चस्तरीय स्वीकृति से जोड़ दिया गया है।

25 लाख रुपये से अधिक की राशि निकालने से पहले संबंधित जिले के उपायुक्त की अनुमति लेनी होगी। इससे बड़ी वित्तीय निकासी पर जिला प्रशासन के स्तर से भी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।

25 लाख से कम राशि के लिए DEO-DSE अधिकृत

वहीं, 25 लाख रुपये से कम की राशि निकालने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक के स्तर पर रहेगी। इस सीमा के भीतर होने वाली निकासी निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित शिक्षा अधिकारी की स्वीकृति से की जा सकेगी।

इससे अलग-अलग स्तर पर वित्तीय अधिकारों की सीमा तय होगी और राशि निकालने की प्रक्रिया में जिम्मेदारी भी स्पष्ट रहेगी।

प्रखंड से राज्य स्तर तक तय होगी जिम्मेदारी

नए प्रावधानों में केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) नामित करने की बात कही गई है।

इसका उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि समग्र शिक्षा अभियान की राशि किस स्तर पर निकाली जाएगी और उसके खर्च से संबंधित जिम्मेदारी किस अधिकारी की होगी। इस व्यवस्था से वित्तीय कार्यों के संचालन में एकरूपता लाने का प्रयास किया गया है।

वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर जोर

समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा क्षेत्र में कई योजनाओं और गतिविधियों के लिए फंड उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में नई निकासी व्यवस्था का मुख्य जोर वित्तीय अनुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता पर है।

25 लाख रुपये से अधिक की निकासी को DC की अनुमति से जोड़ने से बड़ी राशि के इस्तेमाल से पहले अतिरिक्त स्तर पर समीक्षा संभव होगी। वहीं छोटी राशि के लिए शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों को अधिकार दिए गए हैं।

नई व्यवस्था के तहत विभाग अब प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों को स्पष्ट रूप से नामित करेगा, ताकि समग्र शिक्षा अभियान की राशि से जुड़े वित्तीय कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित किए जा सकें।

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