पटना: राजधानी पटना के गांधी मैदान स्थित ज्ञान भवन में बुधवार को बिहार पोल्ट्री एंड एक्वा एक्सपो-2026 के चौथे संस्करण की शुरुआत हुई। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से 80 कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। एक्सपो में पोल्ट्री और मत्स्य पालन से जुड़ी नई तकनीक, मशीनें, उपकरण और उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
आयोजन स्थल पर कंपनियों की ओर से कुल 130 स्टॉल लगाए गए हैं। आयोजकों का कहना है कि एक्सपो का उद्देश्य किसानों, पशुपालकों, मत्स्य पालकों, युवाओं और कारोबारियों को आधुनिक तकनीक तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी देना है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया रोजगार का बड़ा क्षेत्र
कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उच्च शिक्षा एवं कानून मंत्री संजय कुमार टाइगर, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह और आयोजक राकेश कश्यप ने संयुक्त रूप से किया।
उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने पोल्ट्री और एक्वा सेक्टर को रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन किसानों और इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को नई तकनीकों तथा बदलते बाजार की जरूरतों को समझने में मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से कंपनियों और विशेषज्ञों का पटना आना बिहार के लिए सकारात्मक संकेत है। एक्सपो के माध्यम से किसानों को आधुनिक मशीनरी, बेहतर नस्ल, वैज्ञानिक प्रबंधन और उत्पादन से जुड़ी नई जानकारी मिल सकती है।
निवेश और तकनीकी साझेदारी को मिलेगा बढ़ावा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बिहार और दूसरे राज्यों के बीच कारोबारी तथा तकनीकी सहयोग बढ़ सकता है। इससे राज्य में निवेश की संभावनाएं मजबूत होने के साथ रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
उनके मुताबिक, पोल्ट्री और मत्स्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने से किसानों और पशुपालकों को उत्पादन से लेकर बाजार तक की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका
उच्च शिक्षा एवं कानून मंत्री संजय कुमार टाइगर ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में पोल्ट्री और एक्वा क्षेत्र का विस्तार किसानों की आय के नए साधन तैयार करने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के विकल्प बढ़ा सकता है।
उन्होंने एक्सपो से मिलने वाली जानकारी को अधिक से अधिक किसानों, पशुपालकों, मत्स्य पालकों और युवा उद्यमियों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
एक मंच पर किसान, उद्योग और विशेषज्ञ
आयोजक राकेश कश्यप ने बताया कि एक्सपो को सिर्फ उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न हितधारकों को एक साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। इसमें किसान, पशुपालक, उद्यमी, उद्योग प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति से जुड़े लोग एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और नए कारोबारी तरीकों को खेत एवं फार्म स्तर तक पहुंचाने से उत्पादन बढ़ाने, लागत को नियंत्रित करने और आय में सुधार की संभावनाएं बन सकती हैं।
आयोजक के अनुसार, पोल्ट्री और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
