Wednesday, September 9, 2026

शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 350 अंक से ज्यादा फिसला; IT शेयरों में बिकवाली.

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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ की। वैश्विक स्तर पर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में रहे। IT कंपनियों के शेयरों में खास तौर पर तेज बिकवाली देखने को मिली।

कारोबार शुरू होने पर सेंसेक्स 350 अंक से अधिक की गिरावट के साथ 75,216.22 के स्तर पर खुला। इसी तरह निफ्टी 50 करीब 100 अंक नीचे 23,522.05 पर पहुंच गया। बाजार में शुरुआती दबाव IT के साथ टेलीकॉम, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भी नजर आया।

IT सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो शुरुआती कारोबार में निफ्टी IT करीब 3 फीसदी नीचे रहा और यह सबसे कमजोर सेक्टरों में शामिल रहा।

प्रमुख IT शेयरों में इंफोसिस लगभग 3.34 फीसदी गिरा। टेक महिंद्रा में 2.73 फीसदी, HCL टेक्नोलॉजीज में 2.60 फीसदी, विप्रो में 2.34 फीसदी और TCS में करीब 1.71 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

इसके अलावा निफ्टी मिडस्मॉल IT और टेलीकॉम इंडेक्स भी लगभग 2 फीसदी कमजोर रहे। फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो, प्राइवेट बैंक तथा ऑयल एंड गैस से जुड़े शेयरों पर भी शुरुआती कारोबार में दबाव देखने को मिला।

कुछ सेक्टरों ने दिखाई मजबूती

बाजार में व्यापक गिरावट के बीच कुछ सेक्टर ऐसे भी रहे जहां खरीदारी का रुख नजर आया। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स करीब 0.38 फीसदी, निफ्टी मेटल 0.39 फीसदी और निफ्टी फार्मा लगभग 0.27 फीसदी की बढ़त में कारोबार करते दिखे।

सेमीकंडक्टर से जुड़े शेयरों में मजबूती ने भी बाजार के कमजोर माहौल के बीच कुछ सकारात्मक संकेत दिए।

कच्चे तेल की कीमतों पर निवेशकों की नजर

बाजार के जानकारों के अनुसार मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। भारत के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमत चिंता का विषय है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।

अगर लंबे समय तक तेल महंगा रहता है तो इससे महंगाई पर दबाव बढ़ने के साथ-साथ कंपनियों की उत्पादन और परिचालन लागत भी प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

IPO बाजार में भी बढ़ी दिलचस्पी

इस बीच IPO बाजार भी निवेशकों के रडार पर बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक हाल के महीनों में कई IPO में बेहतर लिस्टिंग प्रदर्शन देखने को मिला है। जून से IPO के लिस्टिंग गेन में करीब 22 फीसदी तक की वृद्धि का उल्लेख किया गया है, जिससे रिटेल के साथ संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ी है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल संभावित लिस्टिंग मुनाफे को देखकर किसी IPO में निवेश करना उचित नहीं है। किसी भी इश्यू का मूल्यांकन कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति और वैल्यूएशन जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर करना चाहिए। लिस्टिंग के बाद किसी शेयर की कीमत उसके इश्यू प्राइस से नीचे भी जा सकती है।

निफ्टी के लिए ये स्तर अहम

तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से 23,500, 23,260 और 23,000 को निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर माना जा रहा है। वहीं अगर इंडेक्स 23,650 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो शॉर्ट कवरिंग के चलते 23,860 से 23,900 के क्षेत्र तक तेजी की संभावना बन सकती है।

फिलहाल बाजार की दिशा पर IT शेयरों की चाल, कच्चे तेल की कीमत और मिडिल ईस्ट से जुड़े घटनाक्रम का असर महत्वपूर्ण रहेगा।

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