मुंबई: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों की बिकवाली के चलते सेंसेक्स 555 अंक से ज्यादा टूटकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 23,700 के स्तर से नीचे चला गया।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 555.23 अंक यानी 0.73 प्रतिशत गिरकर 75,577.58 पर बंद हुआ। इसी तरह NSE निफ्टी 50 में 144.05 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की कमजोरी रही और यह 23,635.10 के स्तर पर बंद हुआ।
वैश्विक बाजारों में बने दबाव और निफ्टी 50 की साप्ताहिक एक्सपायरी से पहले निवेशकों की सतर्कता ने घरेलू बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
ब्रेंट क्रूड 99 डॉलर के करीब पहुंचा
बाजार में गिरावट की प्रमुख वजहों में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी रही। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय की ओर से दक्षिणी प्रांत में ऊर्जा से जुड़े कई संयंत्रों और प्रतिष्ठानों पर हमले की पुष्टि के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम 2 प्रतिशत से अधिक बढ़ गए।
ब्रेंट क्रूड करीब 99 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से निवेशकों के बीच चिंता बढ़ी।
इन सेक्टर्स में दिखी कमजोरी
मंगलवार को कई प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।
- निफ्टी IT: 0.41 प्रतिशत नीचे
- निफ्टी ऑयल एंड गैस: 0.77 प्रतिशत गिरावट
- PSU बैंक: 0.22 प्रतिशत नीचे
- प्राइवेट बैंक: 0.22 प्रतिशत की गिरावट
हालांकि कुछ सेक्टर्स ने बाजार की कमजोरी के बीच बेहतर प्रदर्शन किया।
- निफ्टी मीडिया: 1.39 प्रतिशत ऊपर
- निफ्टी फार्मा: 0.74 प्रतिशत मजबूत
- निफ्टी FMCG: 0.40 प्रतिशत की बढ़त
- ऑटो इंडेक्स: 0.10 प्रतिशत ऊपर
निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में लगातार तेजी देखने को मिली है। मौजूदा परिस्थितियों में इन शेयरों में ऊंचे स्तरों पर तेजी बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने के बीच अल्पकालिक निवेशकों के लिए मुनाफावसूली पर विचार करने की सलाह दी जा रही है। मौजूदा व्यापक आर्थिक माहौल में लार्ज-कैप शेयरों और नॉन-इक्विटी ETF जैसे विकल्पों को अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला माना जा रहा है।
सोना-चांदी को मिला सहारा
शेयर बाजार में अनिश्चितता के बीच निवेशकों का रुझान सुरक्षित माने जाने वाले विकल्पों की ओर भी बढ़ा। कारोबार खत्म होने के समय 24 कैरेट सोना 1,53,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास मजबूत रहा। वहीं चांदी 2,38,981 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर स्थिर रही।
कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में आगे होने वाले बदलावों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
