बिहार: राज्य में सड़क परिवहन को बेहतर बनाने के लिए बक्सर से भागलपुर के बीच करीब 336 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की योजना प्रस्तावित है। यह नया कॉरिडोर बिहार के कई जिलों को तेज सड़क संपर्क से जोड़ने का काम करेगा। इसके बनने से यात्रियों के आवागमन के साथ माल ढुलाई और कारोबारी गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे बक्सर से शुरू होकर राज्य के दक्षिणी हिस्सों से गुजरते हुए भागलपुर के बाहरी क्षेत्र तक जाएगा। नए एलायनमेंट पर बनने वाली इस सड़क से कई क्षेत्रों में मौजूदा कनेक्टिविटी को मजबूत करने की संभावना है।
ये जिले होंगे एक्सप्रेसवे के रूट में
प्रस्तावित कॉरिडोर बक्सर के बाद भोजपुर और अरवल की ओर बढ़ेगा। इसके बाद जहानाबाद, गया और नालंदा को जोड़ते हुए इसका रास्ता नवादा, शेखपुरा और लखीसराय की तरफ जाएगा।
आगे एक्सप्रेसवे मुंगेर, जमुई और बांका से होकर भागलपुर के बाहरी इलाके तक पहुंचने का प्रस्ताव है। इस तरह दक्षिण बिहार से पूर्वी बिहार तक एक नया तेज सड़क मार्ग विकसित हो सकेगा।
पटना के लिए क्या होगा कनेक्शन?
पटना को इस एक्सप्रेसवे से सीधे नहीं जोड़ा गया है। राजधानी से प्रस्तावित कॉरिडोर तक पहुंचने के लिए जहानाबाद महत्वपूर्ण कनेक्शन प्वाइंट होगा।
पटना से जहानाबाद के बीच पहले से फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग मौजूद है। इसी मार्ग से राजधानी के वाहन जहानाबाद पहुंचकर नए एक्सप्रेसवे पर जा सकेंगे। इसके बाद गया समेत आगे के जिलों की यात्रा की जा सकेगी।
UP जाने वालों को भी मिल सकता है फायदा
योजना के तहत बक्सर-भागलपुर कॉरिडोर को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की संभावना भी है। कनेक्शन विकसित होने पर बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क यात्रा अधिक सुगम हो सकती है।
यह नेटवर्क आगे दूसरे प्रमुख राजमार्गों से जुड़ता है तो दिल्ली की दिशा में आने-जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों के लिए भी बेहतर सड़क विकल्प उपलब्ध हो सकता है।
कनेक्टिविटी के साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा
नया एक्सप्रेसवे बनने से सिर्फ यात्रा आसान होने की उम्मीद नहीं है। तेज सड़क संपर्क का सीधा फायदा माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी मिल सकता है।
बिहार के अलग-अलग हिस्सों से दूसरे राज्यों तक सामान की आवाजाही अपेक्षाकृत तेज होने पर कारोबारियों को सुविधा मिल सकती है। एक्सप्रेसवे के आसपास नए व्यापारिक केंद्र और आर्थिक गतिविधियां विकसित होने की भी संभावना है।
PPP मॉडल से तैयार करने का प्रस्ताव
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके तहत निजी क्षेत्र परियोजना में निवेश और निर्माण से जुड़ी भूमिका निभा सकता है।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहनों से टोल शुल्क लेने की व्यवस्था भी रखी जा सकती है।
DPR के बाद आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट
परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। DPR के आधार पर परियोजना से जुड़े अगले चरणों और निर्माण की दिशा तय की जाएगी।
यदि यह करीब 336 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर योजना के मुताबिक विकसित होता है, तो बक्सर से भागलपुर के बीच सड़क संपर्क का नया विकल्प तैयार होगा। इससे दक्षिण और पूर्वी बिहार के कई जिलों के बीच आवागमन और परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
