कर्नाटक में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए जहरीले धतूरे की कथित बिक्री के मामले ने खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग ने Amazon, BigBasket और Swiggy Instamart के फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। यह रोक अगले आदेश तक लागू रहेगी।
खाने के तौर पर लिस्टिंग का आरोप
मामला तब सामने आया जब अधिकारियों को जानकारी मिली कि इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर धतूरे के फल और बीज को मानव उपभोग से जुड़े उत्पाद के तौर पर उपलब्ध कराया जा रहा था। जांच में यह भी पाया गया कि कुछ पैकेटों पर FSSAI लाइसेंस नंबर दर्ज था।
अधिकारियों के अनुसार, ऐसे उत्पाद संबंधित कंपनियों के स्टोरेज नेटवर्क में मौजूद थे और वहां से ग्राहकों तक पहुंचाए जा रहे थे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की।
धतूरा खाद्य पदार्थ नहीं
धतूरा एक जहरीला पौधा है और इसके फल व बीज इंसानी सेवन के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते। कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा आयुक्त श्रीनिवास के. ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि धतूरे को भोजन के रूप में बेचना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
विभाग ने भविष्य के लिए भी निर्देश दिया है कि धतूरे या इसी तरह के जहरीले उत्पादों को किसी भी रूप में खाद्य सामग्री बताकर नहीं बेचा जाना चाहिए।
कंपनियों के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ विभाग
24 अगस्त को हुई सुनवाई में संबंधित कंपनियों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की, लेकिन विभाग उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं हुआ।
- Amazon: कंपनी की ओर से नोटिस का औपचारिक जवाब नहीं दिया गया।
- Swiggy Instamart: कंपनी ने जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, लेकिन तत्काल सुधारात्मक कदमों के पर्याप्त प्रमाण नहीं दिए।
- BigBasket: कंपनी ने बताया कि संबंधित उत्पाद की बिक्री रोक दी गई है और भविष्य में पैकेजिंग पर इसे मानव उपयोग के लिए नहीं होने की जानकारी दी जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन दलीलों को पर्याप्त नहीं माना और लाइसेंस निलंबित करने का फैसला लिया।
सप्लायर्स पर भी कार्रवाई
कार्रवाई का दायरा केवल बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रहा। धतूरे की आपूर्ति से जुड़े कुछ दुकानदारों और सप्लायर्स के लाइसेंस पर भी कार्रवाई की गई है।
संबंधित प्लेटफॉर्म को धतूरे से जुड़ी सभी लिस्टिंग और विज्ञापनों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनियों को सुधारात्मक कदम उठाकर उसकी रिपोर्ट विभाग के सामने पेश करनी होगी। तब तक कर्नाटक में उनका संबंधित फूड बिजनेस प्रतिबंधित रहेगा।
यह मामला ऑनलाइन ग्रॉसरी और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले उत्पादों की स्क्रीनिंग, सप्लायर वेरिफिकेशन और खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाता है।
