बिहार में सड़क नेटवर्क को विस्तार देने वाली बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी मिल गई है। करीब 336 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर लगभग 3,700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के जरिए राज्य के कई जिलों के बीच आवागमन आसान होने के साथ ही पटना को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
13 जिलों को जोड़ेगा नया एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे बक्सर से शुरू होकर भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, जमुई और बांका होते हुए भागलपुर के आसपास तक पहुंचेगा।
यह सड़क मौजूदा हाईवे को चौड़ा करने के बजाय नए ग्रीनफील्ड रूट पर विकसित की जाएगी। रास्ते में इसे अलग-अलग स्थानों पर मौजूदा सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़े जाने की योजना है।
पटना से सीधे नहीं, जहानाबाद के जरिए मिलेगा रास्ता
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का सीधा रूट पटना शहर से होकर नहीं गुजरेगा। हालांकि, राजधानी को इससे जोड़ने के लिए जहानाबाद अहम कनेक्टिंग प्वाइंट बनेगा।
पटना और जहानाबाद के बीच मौजूद फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग के जरिए यात्री एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। जहानाबाद से आगे एक्सप्रेसवे पकड़कर गया और अन्य संबंधित जिलों की ओर जाना आसान होगा।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्शन की योजना
परियोजना की एक अहम विशेषता इसे उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की प्रस्तावित योजना है। ऐसा होने पर बिहार के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों से उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली समेत अन्य क्षेत्रों तक सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है।
इस कनेक्टिविटी का लाभ यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को भी मिलने की उम्मीद है।
करीब 3,700 करोड़ रुपये की लागत
बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 3,700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत बताई गई है। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
नए एक्सप्रेसवे के बनने से उन क्षेत्रों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है, जहां फिलहाल जिलों के बीच सीधा और तेज संपर्क सीमित है।
PPP मॉडल से होगा निर्माण
इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके तहत निजी क्षेत्र की भागीदारी से सड़क का निर्माण किया जाएगा और एक्सप्रेसवे के इस्तेमाल के बदले वाहनों से टोल वसूला जाएगा।
बक्सर से भागलपुर तक बनने वाली यह सड़क बिहार के दक्षिणी, मध्य और पूर्वी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हो सकती है। इसके पूरा होने पर कई जिलों के बीच यात्रा समय और परिवहन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
