Wednesday, August 19, 2026

रांची विश्वविद्यालय में डिजिटल शिक्षा पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, शिक्षकों को नई तकनीकों की दी जा रही जानकारी.

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Ranchi News: शिक्षण व्यवस्था में डिजिटल तकनीक और ICT के बढ़ते इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए रांची विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू हुआ। कार्यक्रम का आयोजन CIET, NCERT, नई दिल्ली और रांची विश्वविद्यालय के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। इसकी शुरुआत बुधवार को विश्वविद्यालय के शहीद स्मृति सभागार में हुई।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों, ई-लर्निंग तकनीकों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के व्यावहारिक इस्तेमाल के लिए तैयार करना है।

शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर

उद्घाटन सत्र में CIET, NCERT के प्रोफेसर एवं ICT प्रमुख प्रो. शिरीष पाल सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा में तकनीक का इस्तेमाल केवल डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसका लक्ष्य विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाना और सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं केंद्रित बनाना होना चाहिए।

रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) सरोज शर्मा ने कहा कि NCERT के साथ इस तरह का संयुक्त कार्यक्रम राज्य के शिक्षकों को देशभर में विकसित हो रही नई शैक्षणिक तकनीकों से जोड़ने में मदद करेगा। उन्होंने शिक्षकों से डिजिटल संसाधनों का उपयोग विद्यार्थियों की रचनात्मकता और सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए करने का आह्वान किया।

21 अगस्त तक चलेगा प्रशिक्षण

यह कार्यक्रम 19 से 21 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से 10 रिसोर्स पर्सन्स को जोड़ा गया है। इनके जरिए शिक्षकों, शिक्षक प्रशिक्षकों, विशेषज्ञों और पुपिल टीचर्स को डिजिटल शिक्षा, ICT तथा उभरती तकनीकों से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

पहले दिन किन विषयों पर हुई चर्चा?

कार्यक्रम के शुरुआती दिन प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:

  • DIKSHA एप और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
  • डिजिटल पहलों से जुड़े नीतिगत पहलू
  • साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन सेफ्टी
  • ई-लर्निंग के लिए इंस्ट्रक्शनल डिजाइन

प्रो. शिरीष पाल सिंह ने डिजिटल पहलों और नीतिगत दृष्टिकोण पर सत्र लिया। डॉ. डी. राजेश ने साइबर सुरक्षा एवं सुरक्षा उपायों पर जानकारी दी, जबकि प्रो. भारती कौशिक ने ई-लर्निंग के लिए इंस्ट्रक्शनल डिजाइन की जानकारी साझा की।

डिजिटल कक्षा को बेहतर बनाने पर फोकस

आयोजकों के अनुसार, अगले सत्रों में भी डिजिटल शिक्षा और आधुनिक अध्यापन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को ई-कंटेंट तैयार करने, ऑनलाइन शिक्षण, ICT संसाधनों और नई तकनीकों के बेहतर इस्तेमाल के लिए व्यावहारिक जानकारी देने पर जोर है।

विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि प्रशिक्षण के बाद शिक्षक इन तकनीकों को कक्षा में प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर सकें और विद्यार्थियों के लिए सीखने की प्रक्रिया को अधिक इंटरैक्टिव, रचनात्मक और विद्यार्थी-केंद्रित बना सकें।

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