रांची। नगर निगम कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों और उनके आश्रितों से जुड़ी लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर 20 अगस्त को प्रदर्शन करने का फैसला किया है। संघ के सदस्य नगरीय प्रशासन निदेशालय के समक्ष अपनी मांगें रखेंगे।
संघ ने इस संबंध में नगरीय प्रशासन निदेशालय के निदेशक को पत्र भेजकर समस्याओं पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि कई मामले लंबे समय से लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा
संघ के मुताबिक मृत निगम कर्मचारियों के मैट्रिक और नन-मैट्रिक आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति कई मामलों में पद सृजन नहीं होने के कारण अटकी हुई है।
रांची नगर निगम में इंटर पास 37 आश्रितों में से 16 की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जबकि 21 मामलों में पद स्वीकृत नहीं होने के कारण नियुक्ति लंबित बताई गई है। संघ ने सुझाव दिया है कि दूसरे निकायों में स्थानांतरित हुए कर्मचारियों के कारण खाली हुए पदों का उपयोग आश्रितों की नियुक्ति के लिए किया जा सकता है।
पेंशन में कटौती का विरोध
नगर निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में कथित 20 प्रतिशत कटौती का मुद्दा भी संघ ने उठाया है। संगठन का कहना है कि पहले उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर राज्य कर्मचारियों के समान पेंशन का भुगतान किया जा रहा था। संघ के अनुसार, नगर विकास एवं आवास विभाग के 25 अप्रैल के आदेश के बाद पेंशन में कटौती की गई।
कर्मचारी संघ ने सरकार से इस मामले की समीक्षा कर उचित निर्णय लेने की मांग की है।
पारिवारिक पेंशन को लेकर भी आपत्ति
मृत निगम कर्मचारियों की विधवाओं और आश्रितों को पारिवारिक पेंशन मिलने का मुद्दा भी प्रदर्शन की प्रमुख मांगों में शामिल है। संघ का कहना है कि निगम स्तर पर पारिवारिक पेंशन का भुगतान केवल पांच वर्ष तक किए जाने की व्यवस्था बताई जा रही है, जिसे संगठन उचित नहीं मानता।
संघ ने अन्य सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का हवाला देते हुए पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
दो आश्रितों की नियुक्ति का मामला लंबित
संघ ने सोनिया कच्छप और रजनी तिर्की की अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों को भी उठाया है। संगठन के अनुसार दोनों की सेवापुस्त उपलब्ध नहीं होने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
नगर निगम कर्मचारी संघ ने संबंधित विभाग से इन दोनों मामलों का समाधान जल्द कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि 20 अगस्त के प्रदर्शन के माध्यम से कर्मचारियों और उनके आश्रितों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
