पटना: बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन से जुड़े मामले में पटना हाईकोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश के बाद संबंधित शिक्षक अगली सुनवाई तक अपने वर्तमान विद्यालय और पद पर बने रहेंगे। इस आदेश से ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर असमंजस में चल रहे शिक्षकों को तत्काल राहत मिली है।
39 शिक्षकों ने दाखिल की थी याचिका
मामला सीडब्ल्यूजेसी संख्या 12326/2026 से जुड़ा है। न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकल पीठ ने सोमवार को इसकी सुनवाई की। औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड के शिक्षक नरेंद्र कुमार नंद समेत 39 शिक्षकों ने सरकार की स्थानांतरण एवं पदस्थापन नीति को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।
याचिकाकर्ताओं का मुख्य मुद्दा सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया में बताई जा रही विसंगतियों से जुड़ा है।
अगली सुनवाई तक ट्रांसफर पर यथास्थिति
सुनवाई के दौरान अदालत ने फिलहाल वर्तमान स्थिति बरकरार रखने का निर्देश दिया। इसका मतलब है कि याचिका से जुड़े शिक्षकों के मौजूदा पदस्थापन में अगली सुनवाई तक बदलाव नहीं किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष और जरूरी जवाब अदालत के समक्ष रखा जाना है।
शिक्षकों ने नीति में खामियों का उठाया मुद्दा
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ललित किशोर और अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार सिंह ने पक्ष रखा। उनकी ओर से अदालत को बताया गया कि सरप्लस के आधार पर शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया में कई विसंगतियां सामने आई हैं।
शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग की ओर से समय-समय पर जारी अलग-अलग निर्देशों के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। स्थानांतरण की अनिश्चितता से शिक्षकों को व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
औरंगाबाद के शिक्षकों को मिली राहत
मामले में शामिल 39 शिक्षकों में औरंगाबाद के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक भी हैं। कोर्ट के आदेश के बाद याचिकाकर्ता शिक्षकों ने राहत जताई और इसे शिक्षक हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उनका कहना है कि बार-बार स्थानांतरण और पदस्थापन को लेकर बनी अनिश्चितता का असर विद्यालयों के कामकाज पर भी पड़ सकता है। फिलहाल यथास्थिति के आदेश से उन्हें अपनी वर्तमान कार्यस्थली पर काम जारी रखने का अवसर मिलेगा।
21 सितंबर की सुनवाई पर नजर
शिक्षक संगठनों और प्रभावित शिक्षकों की नजर अब अगली सुनवाई पर है। मामले का अंतिम रुख आगे की न्यायिक कार्यवाही और राज्य सरकार के जवाब के बाद स्पष्ट होगा।
सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े विवाद के कारण राज्य के अन्य शिक्षक भी इस मामले की सुनवाई पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, व्यापक स्तर पर इसके प्रभाव को लेकर अंतिम तस्वीर अदालत की आगे की कार्यवाही के बाद ही साफ होगी।
