नई दिल्ली: खाने में रोज इस्तेमाल होने वाला टमाटर सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी उपयोगी माना जाता है। हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में संकेत मिले हैं कि नियमित रूप से टमाटर का सेवन मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) से जूझ रहे वयस्कों में लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसे फैटी लिवर का इलाज मानने से पहले इस विषय पर और बड़े व लंबे समय के अध्ययन जरूरी हैं।
छह सप्ताह की स्टडी में क्या सामने आया?
‘Nutrients’ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में फैटी लिवर से प्रभावित प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह ने सामान्य खान-पान जारी रखा और टमाटर का सेवन नहीं किया। दूसरे समूह को सामान्य भोजन के साथ रोजाना करीब 200 ग्राम हरे टमाटर और 50 ग्राम टोमैटो सॉस दिया गया।
लगभग छह सप्ताह बाद दोनों समूहों की जांच की गई। टमाटर का सेवन करने वाले समूह में लिवर में जमा फैट में कमी देखी गई। खास बात यह रही कि इस दौरान प्रतिभागियों के कुल शरीर के वजन में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं हुआ।
शोधकर्ताओं के अनुसार, टमाटर में मौजूद लाइकोपीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि अध्ययन में देखे गए प्रभाव के पीछे केवल लाइकोपीन जिम्मेदार था या टमाटर में मौजूद अन्य पोषक तत्वों का भी योगदान रहा।
क्या है MASLD?
MASLD ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होने लगती है और इसका संबंध मेटाबोलिक जोखिम कारकों से होता है। पहले इसे NAFLD यानी नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज कहा जाता था।
मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य मेटाबोलिक जोखिम फैटी लिवर की संभावना बढ़ा सकते हैं। संतुलित खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि इस स्थिति के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रिसर्च की कुछ सीमाएं भी हैं
अध्ययन के नतीजे उत्साहजनक जरूर हैं, लेकिन इन्हें समझते समय इसकी सीमाओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
- अध्ययन की अवधि कम थी: रिसर्च करीब छह सप्ताह चली, इसलिए लंबे समय तक टमाटर खाने के प्रभावों के बारे में निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
- सभी लोगों पर नतीजे लागू नहीं किए जा सकते: अध्ययन में गंभीर लिवर बीमारी, डायबिटीज और कुछ अन्य समूहों के लोगों को शामिल नहीं किया गया था।
- प्रभाव का सटीक कारण स्पष्ट नहीं: प्रतिभागियों को हरे टमाटर और टोमैटो सॉस दोनों दिए गए थे, इसलिए यह तय करना मुश्किल है कि इनमें से किसका कितना योगदान रहा।
- लिवर फैट में कमी के बावजूद लिवर की कठोरता, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसे अन्य मापदंडों में उल्लेखनीय सुधार नहीं देखा गया।
इसलिए टमाटर को MASLD का अकेला उपचार नहीं माना जाना चाहिए।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
ज्यादातर लोगों के लिए टमाटर संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है। लेकिन जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स या सीने में जलन की समस्या होती है, उन्हें अधिक मात्रा में टमाटर खाने से परेशानी बढ़ सकती है।
टोमैटो सॉस जैसे प्रोसेस्ड उत्पादों में अतिरिक्त चीनी, नमक या कैलोरी हो सकती है। इसलिए ताजे टमाटर को प्राथमिकता देना और प्रोसेस्ड उत्पादों का सेवन सीमित रखना बेहतर विकल्प हो सकता है।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
फैटी लिवर को नियंत्रित करने के लिए केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ वजन बनाए रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
अगर किसी व्यक्ति को फैटी लिवर या इससे जुड़ी कोई अन्य समस्या है, तो अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेकर व्यक्तिगत डाइट और उपचार योजना बनानी चाहिए।
