हैदराबाद: माइक्रोसॉफ्ट अपनी कस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप्स की अगली पीढ़ी पर तेजी से काम कर रही है। ‘द इंफॉर्मेशन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी सितंबर 2026 में Maia 300 AI चिप पेश कर सकती है। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट की ओर से लॉन्च की तारीख की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कंपनी का यह कदम AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अपने हार्डवेयर पर नियंत्रण बढ़ाने और Nvidia जैसे बाहरी चिप सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
TSMC के साथ बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट ताइवान की सेमीकंडक्टर कंपनी TSMC के साथ Maia 300 के उत्पादन को लेकर बातचीत कर रही है। कंपनी 3 लाख से अधिक चिप यूनिट्स के लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमता हासिल करने की कोशिश कर रही है।
इन चिप्स की डिलीवरी 2027 में शुरू होने की संभावना बताई गई है। माइक्रोसॉफ्ट उत्पादन क्षमता को आगे और बढ़ाने तथा अपनी कस्टम चिप को अपनाने के लिए बड़े क्लाउड ग्राहकों से बातचीत कर रही है।
रिपोर्ट में AI कंपनी Anthropic का भी संभावित ग्राहकों में उल्लेख किया गया है।
माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य सिर्फ लाखों चिप तक सीमित नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट भविष्य में Maia चिप्स की उत्पादन क्षमता को 10 लाख से अधिक यूनिट तक ले जाने की योजना पर भी विचार कर रही है। हालांकि, सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स की उपलब्धता और TSMC की उत्पादन क्षमता से जुड़ी बातचीत इन योजनाओं की गति को प्रभावित कर सकती है।
माइक्रोसॉफ्ट के Azure Maia डिवीजन के जनरल मैनेजर एंड्रयू वॉल ने कंपनी के कस्टम सिलिकॉन कार्यक्रम में दीर्घकालिक निवेश जारी रहने की बात कही है। उन्होंने उत्पादन से जुड़ी सटीक मात्रा पर टिप्पणी करने से इनकार किया और रिपोर्ट में बताए गए आंकड़ों को कंपनी के कार्यक्रम का पूरा पैमाना नहीं बताया।
Maia सीरीज की शुरुआत कैसे हुई?
माइक्रोसॉफ्ट ने नवंबर 2023 में अपनी पहली Maia AI चिप पेश की थी। इसके बाद कंपनी ने जनवरी 2026 में Maia 200 को सामने रखा। Maia 200 को TSMC की 3nm प्रोसेस तकनीक पर तैयार किया गया था।
इस चिप में बड़ी मात्रा में SRAM मेमोरी का इस्तेमाल किया गया है। SRAM बेहद तेज मेमोरी तकनीक है, जो खास तौर पर ऐसे AI वर्कलोड में उपयोगी हो सकती है जहां तेज डेटा एक्सेस और कई यूजर रिक्वेस्ट को संभालना जरूरी होता है।
Google और Amazon से मुकाबला
कस्टम AI चिप्स की दिशा में माइक्रोसॉफ्ट का कदम ऐसे समय आया है, जब Google और Amazon भी अपने-अपने सिलिकॉन प्लेटफॉर्म पर जोर दे रहे हैं।
Google अपने Tensor Processing Units यानी TPU विकसित कर रहा है, जबकि Amazon अपनी ट्रेनियम सीरीज सहित कस्टम AI चिप्स का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। इससे क्लाउड कंपनियों के बीच AI कंप्यूटिंग के लिए खुद का हार्डवेयर विकसित करने की प्रतिस्पर्धा तेज हुई है।
Nvidia पर निर्भरता घटाना क्यों जरूरी?
AI मॉडल और क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ते इस्तेमाल ने हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग चिप्स की मांग को काफी बढ़ा दिया है। इस क्षेत्र में Nvidia के GPU का लंबे समय से मजबूत दबदबा रहा है।
अपनी चिप विकसित करने से माइक्रोसॉफ्ट को AI इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत, डिजाइन और परफॉर्मेंस पर अधिक नियंत्रण मिलने की उम्मीद है। साथ ही Azure जैसी क्लाउड सेवाओं के लिए कंपनी अपने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को अधिक बेहतर तरीके से एक-दूसरे के अनुरूप तैयार कर सकती है।
फिलहाल Maia 300 के संभावित सितंबर लॉन्च को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। यदि रिपोर्ट में बताए गए कार्यक्रम के मुताबिक चिप पेश होती है, तो यह माइक्रोसॉफ्ट की AI हार्डवेयर रणनीति में एक महत्वपूर्ण अगला चरण माना जाएगा।
