Monday, August 10, 2026

बिहार में दो बड़े हाईवे होंगे फोरलेन, 3200 करोड़ की योजना से उत्तर बिहार से झारखंड तक कनेक्टिविटी होगी बेहतर.

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Bihar Road News: बिहार में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में दो महत्वपूर्ण हाईवे परियोजनाओं पर आगे बढ़ने की तैयारी है। प्रस्ताव के तहत मुजफ्फरपुर-बरौनी एनएच-122 के करीब 102 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन किया जाना है। इसके साथ मुजफ्फरपुर ईस्टर्न बाइपास और नौबतपुर से झारखंड सीमा तक एनएच-139 के चौड़ीकरण की योजना भी शामिल है।

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार और झारखंड से जोड़ने वाली सड़क व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे यात्री आवागमन के साथ माल ढुलाई को भी फायदा मिल सकता है।

3200 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान

मुजफ्फरपुर-बरौनी एनएच-122 को चार लेन में बदलने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मुख्यालय भेजी जा चुकी है। करीब 102 किलोमीटर लंबे हिस्से के इस प्रोजेक्ट पर लगभग 3200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

प्रस्ताव में सड़क को चौड़ा करने के अलावा जरूरत वाले स्थानों पर अंडरपास बनाने की योजना भी रखी गई है। परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

मुजफ्फरपुर ईस्टर्न बाइपास से शहर को राहत की उम्मीद

मुजफ्फरपुर में ईस्टर्न बाइपास का निर्माण भी प्रस्तावित योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बनने से शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों की संख्या कम हो सकती है।

इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव घटने और जाम की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही बाइपास के जरिए एनएच-27 के पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर से कनेक्टिविटी और बेहतर हो सकती है।

एनएच-139 को झारखंड सीमा तक फोरलेन करने का प्रस्ताव

दूसरी बड़ी परियोजना एनएच-139 से जुड़ी है। प्रस्ताव के मुताबिक नौबतपुर से झारखंड सीमा तक इस हाईवे को चार लेन में विकसित किया जाएगा।

यह मार्ग पटना को औरंगाबाद के रास्ते वाराणसी-रांची-कोलकाता कॉरिडोर से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस रूट पर यातायात का दबाव बढ़ने के कारण लंबे समय से सड़क चौड़ीकरण की जरूरत महसूस की जा रही है।

केंद्रीय मंजूरी के लिए किया गया अनुरोध

इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए बिहार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से आवश्यक मंजूरी देने का अनुरोध किया है।

अगर दोनों योजनाओं को मंजूरी मिलती है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्माण पूरा होता है, तो बिहार के कई हिस्सों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत हो सकता है। खासकर उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार और झारखंड के बीच यातायात को बेहतर बनाने में इन परियोजनाओं की अहम भूमिका रहने की उम्मीद है।

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