रांची: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधायकों की उपस्थिति को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कई सदस्य अपने सवाल सदन में रखते हैं, लेकिन जब उन सवालों पर चर्चा या जवाब का समय आता है, तब वे सदन में मौजूद नहीं रहते। अध्यक्ष ने इसे विधानसभा की कार्यप्रणाली और गरिमा के लिहाज से उचित नहीं बताया।
सवाल के समय सदस्यों की मौजूदगी जरूरी
कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ने कहा कि विधायक जब किसी मुद्दे पर सवाल उठाते हैं तो उन्हें उसके निर्धारित समय पर सदन में उपस्थित रहना चाहिए। उन्होंने सदस्यों से सदन की कार्यवाही के प्रति गंभीरता बरतने की अपील की।
इसके बाद अध्यक्ष ने प्रश्न पूछने वाले विधायकों के नाम पुकारने शुरू किए। इसी क्रम में विधायक अरूप चटर्जी का नाम लिया गया और उन्हें अनुपस्थित बताया गया। हालांकि, अरूप चटर्जी ने तुरंत कहा कि वह सदन में ही मौजूद हैं।
देर से पहुंचे विधायकों के सवाल नहीं लिए गए
मॉनसून सत्र की कार्यवाही के दौरान विधायक प्रदीप यादव और जयराम महतो भी निर्धारित समय के बाद सदन में पहुंचे। तब तक प्रश्नकाल में उनके नाम और सवाल पुकारे जा चुके थे।
दोनों विधायकों ने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि उनके सवालों को भी सदन में लेने का अवसर दिया जाए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि प्रश्नों का क्रम आगे बढ़ चुका है और अब प्रक्रिया को पीछे नहीं किया जा सकता।
अध्यक्ष के इस रुख से यह संदेश साफ गया कि प्रश्नकाल के दौरान विधायकों की समय पर मौजूदगी को लेकर सदन में सख्ती बरती जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से अपेक्षा जताई कि वे अपने प्रश्नों के समय सदन में मौजूद रहकर संसदीय जिम्मेदारी निभाएं।
