Sunday, August 9, 2026

सिर्फ कुछ मिनट का तंबाकू भी नहीं है सुरक्षित, मुंह में दिखने वाले इन संकेतों को न करें नजरअंदाज.

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नई दिल्ली: कई लोग लंबे समय तक काम करने या थकान के दौरान तंबाकू को कुछ मिनट के लिए गाल, मसूड़ों या होंठ के पास रखते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि कम समय के लिए तंबाकू का इस्तेमाल करने से नुकसान का खतरा बहुत कम होता है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार बिना धुएं वाला तंबाकू भी मुंह की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है और इसके नियमित इस्तेमाल से गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।

मुंह के अंदर किसी एक हिस्से को बार-बार तंबाकू के संपर्क में रखने से वहां की कोशिकाओं और ऊतकों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए तंबाकू को केवल कुछ मिनट के लिए इस्तेमाल करना भी इसे सुरक्षित आदत नहीं बनाता।

तंबाकू से मुंह में क्या बदलाव हो सकते हैं?

मुंह के अंदर तंबाकू रखने पर वहां की नाजुक त्वचा निकोटीन और अन्य हानिकारक रसायनों के संपर्क में आती है। लंबे समय तक यह आदत जारी रहने पर मुंह के अंदर जलन, ऊतक में बदलाव और सफेद या लाल रंग के धब्बे जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं।

कुछ मामलों में मुंह के अंदर की त्वचा सख्त होने लगती है और मुंह खोलने में परेशानी हो सकती है। ऐसे बदलावों को सामान्य समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हर मुंह का छाला सामान्य नहीं

मुंह में छाला होना आम समस्या है और कई बार यह चोट, गर्म या मसालेदार भोजन जैसी वजहों से हो सकता है। सामान्य छाले आमतौर पर कुछ समय में ठीक हो जाते हैं।

लेकिन अगर कोई छाला लंबे समय तक बना रहे, बार-बार उसी जगह पर हो या उसके आसपास सफेद अथवा लाल निशान दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासतौर पर ऐसा घाव जो ठीक नहीं हो रहा हो या जिसके साथ अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, उसकी जांच करानी चाहिए।

शुरुआती मुंह के कैंसर में हमेशा तेज दर्द हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए केवल दर्द के आधार पर किसी समस्या की गंभीरता का अंदाजा लगाना उचित नहीं है।

किन लोगों में ज्यादा देखा जाता है तंबाकू का इस्तेमाल?

लंबी शिफ्ट में काम करने वाले कुछ लोगों में तंबाकू का इस्तेमाल अधिक देखा जाता है। इनमें ट्रक चालक, सुरक्षा कर्मी, फैक्ट्री कर्मचारी और खेतों में काम करने वाले मजदूर जैसे लोग शामिल हो सकते हैं।

कई लोग धूम्रपान की तुलना में खैनी, गुटखा, जर्दा या दूसरे बिना धुएं वाले तंबाकू उत्पादों को कम नुकसानदायक मानते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा सही नहीं है। बिना धुएं वाला तंबाकू भी स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

इन लक्षणों पर तुरंत कराएं जांच

मुंह में लगातार रहने वाली किसी असामान्य समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खास तौर पर इन लक्षणों में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है:

  • ऐसा छाला या घाव जो कई हफ्तों तक ठीक न हो।
  • मुंह के अंदर सफेद या लाल पैच दिखाई देना।
  • मुंह में असामान्य गांठ या मोटापन महसूस होना।
  • मुंह खोलने में परेशानी होना।
  • बोलने या निगलने में लगातार दिक्कत होना।
  • बिना स्पष्ट कारण दांत का ढीला महसूस होना।

इनमें से कोई लक्षण होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को कैंसर ही है। कई अन्य कारणों से भी ऐसी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

जरूरत पड़ने पर की जा सकती है बायोप्सी

यदि डॉक्टर को मुंह में किसी असामान्य घाव या बदलाव पर संदेह होता है, तो वह आगे की जांच की सलाह दे सकता है। कुछ मामलों में बायोप्सी की जाती है, जिसमें प्रभावित ऊतक के छोटे नमूने की जांच की जाती है।

बायोप्सी का उद्देश्य समस्या की सही पहचान करना होता है और इसके आधार पर आगे के उपचार की योजना बनाई जाती है। जांच की जरूरत और तरीका डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार तय करते हैं।

जल्दी पता चलने पर उपचार के विकल्प बेहतर

मुंह से जुड़ी गंभीर बीमारी का समय रहते पता चलना उपचार के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। शुरुआती चरण में समस्या की पहचान होने पर डॉक्टर उपलब्ध उपचार विकल्पों के आधार पर उचित योजना बना सकते हैं।

दूसरी ओर, बीमारी के अधिक बढ़ जाने पर उपचार जटिल हो सकता है और एक से अधिक उपचार पद्धतियों की आवश्यकता पड़ सकती है।

कुछ मिनट के इस्तेमाल को भी सुरक्षित न मानें

तंबाकू को गाल में केवल कुछ मिनट रखने से यह सुरक्षित नहीं हो जाता। नुकसान का जोखिम इस्तेमाल की अवधि के साथ-साथ उत्पाद के प्रकार, इस्तेमाल की आवृत्ति और व्यक्ति की अन्य परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है।

सबसे सुरक्षित विकल्प तंबाकू से पूरी तरह दूर रहना है। अगर किसी व्यक्ति को तंबाकू छोड़ने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लेना उपयोगी हो सकता है। वहीं, मुंह में लंबे समय से बना कोई असामान्य घाव या बदलाव दिखाई दे तो स्वयं इलाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय जांच कराना बेहतर है।

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