Sunday, August 9, 2026

WhatsApp पर उम्र की पुष्टि का नया फीचर! भारत में जन्मतिथि जोड़ने का विकल्प टेस्ट कर रही Meta.

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नई दिल्ली: Meta अपने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर भारत में एक नए फीचर की टेस्टिंग कर रही है। इसके तहत चुनिंदा यूजर्स को ऐप में अपनी जन्मतिथि दर्ज करने का विकल्प दिखाई दे सकता है। कंपनी के मुताबिक, यह परीक्षण भारत में डेटा प्राइवेसी और उम्र से जुड़े आगामी कानूनी प्रावधानों का पालन करने की दिशा में किया जा रहा है।

कुछ यूजर्स के सामने ऐप में जन्मतिथि दर्ज करने से संबंधित एक संदेश दिखाई देने की जानकारी सामने आई है। इसमें भारत में लागू होने वाले नए नियमों के संदर्भ में यूजर की उम्र की पुष्टि करने की जरूरत बताई गई है।

DPDP कानून से जुड़ा है टेस्ट

WhatsApp के एक प्रवक्ता के अनुसार, कंपनी भारत में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून समेत अन्य नियमों के अनुरूप उम्र की पुष्टि के ऐसे तरीके तलाश रही है, जिनमें यूजर्स की निजता सुरक्षित रहे।

इस व्यवस्था का एक अहम उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि कोई यूजर 18 वर्ष से कम उम्र का है या नहीं। बच्चों के व्यक्तिगत डेटा की प्रोसेसिंग से जुड़े प्रावधानों के तहत उम्र की पहचान और पुष्टि महत्वपूर्ण हो सकती है।

जन्मतिथि दूसरे यूजर्स को नहीं दिखाई जाएगी

Meta का कहना है कि उम्र संबंधी जानकारी को निजी रखा जाएगा। कंपनी के मुताबिक, जन्मतिथि WhatsApp के दूसरे यूजर्स के साथ साझा नहीं की जाएगी।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह फीचर सीमित स्तर पर टेस्ट किया जा रहा है और यह अनिवार्य प्रक्रिया नहीं है। यानी सभी WhatsApp यूजर्स को ऐप का इस्तेमाल जारी रखने के लिए तत्काल अपनी उम्र की पुष्टि करने की जरूरत नहीं होगी।

Meta के अनुसार, इस परीक्षण से सामान्य तौर पर WhatsApp इस्तेमाल करने के तरीके में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा।

भारत WhatsApp का सबसे बड़ा बाजार

भारत WhatsApp के सबसे बड़े बाजारों में से एक है और देश में इसके 600 मिलियन से अधिक सक्रिय यूजर्स होने की जानकारी दी गई है। ऐसे में उम्र सत्यापन से जुड़ा कोई भी बदलाव बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित कर सकता है।

दुनिया के कई देशों में बच्चों और किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर नियमों को सख्त किया जा रहा है। कई सरकारें कम उम्र के यूजर्स के लिए आयु सत्यापन और अभिभावकीय नियंत्रण जैसे उपायों पर काम कर रही हैं।

भारत में Meta के सामने कई नियामकीय मुद्दे

WhatsApp का यह परीक्षण ऐसे समय में सामने आया है जब Meta को भारत में कई नियामकीय और सुरक्षा संबंधी मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है।

कंपनी ने हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भारतीय अधिकारियों से बातचीत की थी, जिसे लेकर सरकार और प्लेटफॉर्म के बीच विवाद सामने आया था। इसके अलावा, Meta के कुछ प्लेटफॉर्म पर बच्चों से जुड़े संवेदनशील कंटेंट को लेकर भी जांच और सुरक्षा उपायों पर सवाल उठते रहे हैं।

कंपनी का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर उसकी नीति सख्त है और वह अपने प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रही है।

WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर भी चर्चा

भारत में WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर को लेकर भी कंपनी और सरकार के बीच चर्चा चल रही है। इस सुविधा का उद्देश्य यूजर्स को अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना एक-दूसरे से जुड़ने का विकल्प देना है।

हालांकि, ऑनलाइन धोखाधड़ी, पहचान की नकल और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी घटनाओं को लेकर चिंताओं के बीच इस फीचर की लॉन्चिंग को लेकर सावधानी बरतने की बात सामने आई है।

फिलहाल WhatsApp का जन्मतिथि वाला फीचर टेस्टिंग चरण में है। आगे चलकर कंपनी इसे व्यापक रूप से उपलब्ध कराती है या नहीं, यह उसके परीक्षण के नतीजों और भारत में लागू होने वाले डेटा प्राइवेसी नियमों पर निर्भर करेगा।

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