देवघर: झारखंड के देवघर जिले के करौं प्रखंड स्थित बारा पंचायत के मुखिया मिंटू शेख को पंचायत स्तर पर किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए राष्ट्रपति सम्मान से नवाजा जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया जाना है। मिंटू शेख झारखंड के उन चुनिंदा मुखियाओं में शामिल हैं, जिनका चयन इस सम्मान के लिए किया गया है।
सम्मान के लिए चयन की खबर सामने आने के बाद बारा पंचायत और आसपास के इलाके में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे पंचायत के लिए गौरव का विषय बताया है।
जिला प्रशासन ने भेजा था नाम
मिंटू शेख के पंचायत में किए गए कार्यों और जनसेवा के प्रयासों को देखते हुए जिला प्रशासन ने उनका नाम उच्च अधिकारियों के पास भेजा था। प्रशासन के मुताबिक, पंचायत के लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं।
प्रशासन ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए दूसरे पंचायत प्रतिनिधियों को भी जनहित में बेहतर काम करने के लिए प्रेरित किया है।
पंचायत के लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता
मिंटू शेख का कहना है कि जनप्रतिनिधि के तौर पर उनकी पहली जिम्मेदारी पंचायत के लोगों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान कराने का प्रयास करना है। उनका दावा है कि वह लोगों के लिए लगातार उपलब्ध रहने की कोशिश करते हैं और चाहते हैं कि अधिक से अधिक स्थानीय समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही हो।
उनके अनुसार, पंचायत में कई पारिवारिक और सामाजिक विवादों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने की कोशिश की गई। कुछ ऐसे परिवार भी थे, जिनके बीच विवाद के कारण रिश्ते टूटने की स्थिति में पहुंच गए थे। पंचायत स्तर पर हस्तक्षेप कर उन्हें फिर से साथ लाने का प्रयास किया गया।
निजी खर्च से सिंचाई व्यवस्था में सुधार
पंचायत में किए गए कार्यों में सिंचाई व्यवस्था से जुड़ा एक प्रयास भी शामिल है। मिंटू शेख के मुताबिक, कृषि योग्य जमीनों को पानी उपलब्ध कराने वाले एक पुराने और खराब पड़े डैम की मरम्मत उन्होंने निजी खर्च से कराई।
मरम्मत के बाद आसपास की कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने लगी है। इससे बड़ी संख्या में किसानों को फायदा होने का दावा किया गया है।
मुखिया का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के सामने विकास कार्यों को लेकर कई तरह की चुनौतियां आती हैं। इसके बावजूद वह स्थानीय लोगों के सहयोग और संवैधानिक अधिकारों की जानकारी के आधार पर अधिकारियों के समक्ष पंचायत की समस्याएं उठाते रहे हैं।
डाक विभाग ने पहुंचाया राष्ट्रपति भवन का निमंत्रण
राष्ट्रपति भवन से मिला आमंत्रण डाक विभाग के अधिकारियों ने मिंटू शेख को उनके घर जाकर सौंपा। पोस्ट इंस्पेक्टर निर्मल कुमार और दीपक कुमार ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत निमंत्रण पत्र प्रदान किया। आमंत्रण प्राप्त करने के बाद आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी कराई गईं।
राष्ट्रपति भवन से निमंत्रण मिलने के बाद पंचायत के लोगों में उत्साह और बढ़ गया है।
ग्रामीण बोले- जरूरत के समय आसानी से मिलते हैं मुखिया
बारा पंचायत के ग्रामीणों ने भी मुखिया के कामकाज की सराहना की है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मिंटू शेख से अपनी समस्याएं साझा करने में ग्रामीणों को परेशानी नहीं होती और वह जरूरत के समय लोगों के लिए उपलब्ध रहते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए मुखिया स्वयं उनके घरों तक पहुंचते हैं। जिन लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता, उन्हें योजना से जोड़ने के लिए भी पहल की जाती है।
पंचायत प्रतिनिधियों ने भी की सराहना
मुखिया के साथ काम करने वाले वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी उनके काम करने के तरीके की प्रशंसा की है। उनका मानना है कि पंचायत स्तर पर लोगों से लगातार संपर्क में रहने से स्थानीय समस्याओं को समझने और उनका समाधान खोजने में मदद मिलती है।
मिंटू शेख का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच रहकर काम करना चाहिए। उनके अनुसार, जब प्रतिनिधि लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध होते हैं, तो कई समस्याएं शुरुआती स्तर पर ही सुलझाई जा सकती हैं।
15 अगस्त के सम्मान समारोह का इंतजार
राष्ट्रपति सम्मान के लिए चयनित होने के बाद अब मिंटू शेख और बारा पंचायत के ग्रामीण 15 अगस्त का इंतजार कर रहे हैं। पंचायत स्तर पर किए गए कार्यों के लिए राष्ट्रपति से सम्मान मिलना मिंटू शेख के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।
मिंटू शेख ने इस उपलब्धि का श्रेय पंचायत के लोगों के सहयोग को देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि को मिले अधिकारों का इस्तेमाल जनता के हित में किया जाना चाहिए। उन्होंने पंचायत के लोगों को अपना परिवार बताते हुए आगे भी जनसेवा जारी रखने की बात कही।
