रांची: JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से सीधे संवाद की पहल की है। मुख्यमंत्री ने ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इसके माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित समस्याओं, अनुभवों और सुधार के सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचाए जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाएं केवल अभ्यर्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों के भविष्य से भी जुड़ी होती हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता बनाए रखना जरूरी है।
परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में छात्रों की भागीदारी पर जोर
हेमंत सोरेन ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार केवल सरकारी स्तर पर किए जाने वाले प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसमें उन छात्रों की भागीदारी भी जरूरी है, जो इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं और प्रक्रिया से सीधे जुड़े रहते हैं।
अभ्यर्थियों से परीक्षा के दौरान आने वाली दिक्कतों, व्यवस्था की कमियों और सुधार से जुड़े व्यावहारिक सुझाव साझा करने की अपील की गयी है। सरकार इन सुझावों का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी।
विशेषज्ञों की मदद से सुझावों की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री के अनुसार छात्रों से प्राप्त सुझावों को संबंधित स्तर पर जांचा जाएगा। आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञों की राय लेकर यह देखा जाएगा कि किन सुझावों को मौजूदा नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप लागू किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जो प्रस्ताव व्यावहारिक और नियमों के अनुरूप होंगे, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत लागू करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने JPSC समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने के लिए नियमों में बदलाव किए हैं। परीक्षा में अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए जाने की भी बात उन्होंने कही।
सरकार का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य उन अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना है, जो पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं।
स्थानीय युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने पर सरकार का जोर
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया में किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने ‘झारखंडी फर्स्ट’ की भावना के साथ राज्य के युवाओं के लिए अवसरों को मजबूत करने की बात कही।
छात्रों से अभियान में शामिल होने की अपील
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे केवल अपनी शिकायतें ही नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक समाधान और सुझाव भी सरकार तक पहुंचाएं। उनका कहना है कि छात्रों की सक्रिय भागीदारी से ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करने में मदद मिल सकती है, जिस पर अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रहे।
सरकार ने छात्रों से सुझाव लेने के लिए samvad.jharkhand.gov.in पोर्टल उपलब्ध कराया है। अभ्यर्थी इस माध्यम से परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी अपनी बात और सुझाव सरकार तक पहुंचा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के विकास के अगले चरण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और सरकार चाहती है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनें।
