धनबाद: लगातार हो रही बारिश के बावजूद झरिया और आसपास के इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है। बीते करीब एक महीने से लाखों लोग नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण परेशान हैं। क्षेत्र में दामोदर नदी से झरिया जलापूर्ति योजना के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन तकनीकी और अन्य कारणों से यह व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार, कभी पाइपलाइन में खराबी, कभी मोटर की समस्या और कभी बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पानी की सप्लाई नियमित नहीं हो पा रही है। वैकल्पिक पेयजल स्रोतों के अभाव में लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को पानी-बिजली उपभोक्ता मंच के बैनर तले झरिया स्थित झमाडा कार्यालय के बाहर एक दिवसीय भूख हड़ताल का आयोजन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान अभिषेक सिंह ने कहा कि झरिया में पेयजल संकट लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि कई परिवारों को पानी खरीदकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं, जबकि कुछ लोग बारिश के पानी का भी उपयोग करने को मजबूर हैं।
धरने में शामिल महिलाओं और स्थानीय लोगों ने बताया कि कई इलाकों में कई दिनों से जलापूर्ति बाधित है। पानी की कमी के कारण घरेलू कामकाज के साथ-साथ भोजन बनाने जैसी दैनिक जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द प्रभावी कदम उठाकर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
