रांची: सावन माह की शुरुआत के साथ झारखंड में मौसम एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा चलने की भी आशंका जताई गई है।
इन जिलों में हो सकती है बारिश
पूर्वानुमान के अनुसार, रांची, बोकारो, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, कोडरमा और धनबाद सहित मध्य झारखंड के कई जिलों में वर्षा की संभावना है। वहीं, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा जैसे दक्षिणी जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के अलावा देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज सहित उत्तर-पूर्वी जिलों में भी हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं।
गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी
मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
रविवार को भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
2 अगस्त को भी मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं को मिल सकती है बारिश
सावन की पहली सोमवारी पर राज्यभर के शिव मंदिरों और देवस्थानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दिन भी कई जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
अब तक सामान्य से कम हुई बारिश
1 जून से 1 अगस्त के बीच झारखंड में मानसून की रफ्तार सामान्य से धीमी रही है। इस अवधि में राज्य में लगभग 378 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 517 मिमी माना जाता है। यानी अब तक राज्य में करीब 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
अधिकांश जिले अभी भी वर्षा की कमी से जूझ रहे
बारिश के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 24 जिलों में से केवल 8 जिले सामान्य वर्षा की श्रेणी में हैं। इनमें दुमका, पूर्वी सिंहभूम, रांची, साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पाकुड़ शामिल हैं। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
वहीं, चतरा और गढ़वा में सबसे अधिक वर्षा की कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा देवघर, गिरिडीह, पलामू, गोड्डा, कोडरमा, बोकारो, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, रामगढ़, गुमला, जामताड़ा, खूंटी और धनबाद सहित कई जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है, जिससे कृषि और जल संसाधनों को लेकर चिंता बनी हुई है।
