Saturday, August 1, 2026

झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ेगा AI का उपयोग, मरीजों की सुविधाएं बेहतर बनाने की तैयारी.

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रांची: झारखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर गंभीरता से काम कर रही है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) झारखंड के राज्य अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं में AI के संभावित उपयोग पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं में AI की भूमिका पर हुई चर्चा

नामकुम स्थित NHM मुख्यालय के आरसीएच सभागार में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, विशेषज्ञ संस्थाओं और तकनीकी एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान अस्पतालों में मरीजों की सुविधा बढ़ाने, डेटा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और कतार व्यवस्था (Queue Management) को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए AI आधारित समाधान अपनाने पर चर्चा हुई।

बीमारियों के आंकड़ों का होगा बेहतर विश्लेषण

बैठक में बताया गया कि AI तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का तेज और सटीक विश्लेषण संभव हो सकेगा। इससे विभिन्न क्षेत्रों में बीमारियों के प्रसार, रोग भार और स्वास्थ्य जरूरतों का बेहतर आकलन किया जा सकेगा, जिससे योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।

दवा प्रबंधन और आपात सेवाओं में भी मिलेगा लाभ

अधिकारियों ने दवा आपूर्ति व्यवस्था को AI से जोड़ने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में दवाओं की वास्तविक जरूरत का अनुमान लगाकर समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

इसके अलावा मानव संसाधन के बेहतर उपयोग, एम्बुलेंस सेवाओं के संचालन, गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की निगरानी तथा टीकाकरण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने में भी AI तकनीक की भूमिका पर विचार किया गया।

टीबी, मलेरिया और अन्य रोगों की निगरानी होगी मजबूत

बैठक में टीबी, मलेरिया, फाइलेरिया और एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े डेटा के विश्लेषण और रोग नियंत्रण रणनीतियों को बेहतर बनाने के लिए AI के उपयोग पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी से समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।

क्षेत्रीय भाषाओं में हेल्थ चैटबॉट का सुझाव

ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए AI आधारित हेल्थ चैटबॉट विकसित करने का सुझाव भी सामने आया। यह प्रणाली क्षेत्रीय भाषाओं में स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में मददगार हो सकती है।

चरणबद्ध तरीके से लागू होगी नई तकनीक

बैठक में AI तकनीक को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को इसके उपयोग का प्रशिक्षण देने पर भी सहमति बनी। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत कैलेंडर तैयार करने का सुझाव दिया गया।

राज्य अभियान निदेशक ने अधिकारियों को तकनीकी विशेषज्ञों के साथ आगे भी बैठक कर सभी प्रस्तावों का विस्तृत अध्ययन करने और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि AI आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

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