लातेहार: झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) नक्सली संगठन का चैप्टर पूरी तरह से क्लोज हो गया है. सोमवार को संगठन के 9 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद, लातेहार जिले में इस संगठन का वर्चस्व अब पूरी तरह से समाप्त हो गया है. जेजेएमपी नक्सली संगठन को ध्वस्त करने में लातेहार एसपी कुमार गौरव की सबसे अहम भूमिका रही है.
एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम ने 2 महीने के अंतराल में जेजेएमपी नक्सली संगठन को शिखर से शून्य पर ला खड़ा किया. नक्सली संगठन सुप्रीमो पप्पू लोहरा के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद जेजेएमपी संगठन का पतन शुरू हुआ, जो 1 सितंबर को संगठन के 9 कमांडरों के आत्मसमर्पण के बाद लगभग पूरी तरह से समाप्त हो गया.
दरअसल, जेजेएमपी नक्सली संगठन का कभी लातेहार जिले में दबदबा हुआ करता था. कई इलाकों में जेजेएमपी का प्रभाव इतना था कि इस संगठन के डर से माओवादी उनके इलाके के आसपास भी नहीं भटकते थे. कुल मिलाकर, लातेहार जिले के एक बड़े हिस्से में जेजेएमपी का एकाधिकार था. हालांकि, जेजेएमपी नक्सली संगठन पुलिस को नुकसान पहुंचाने की नीयत से काम नहीं करता था. इनका मुख्य काम इलाके में काम करने वाले ठेकेदारों और ठेकेदारों से लेवी वसूलना था. इसके लिए संगठन द्वारा कई हिंसक घटनाओं को भी अंजाम दिया जाता था.
जेजेएमपी नक्सली संगठन का पतन 24 मई 2025 से शुरू हुआ. इसी दिन संगठन का सुप्रीमो पप्पू लोहरा पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. वह 10 लाख का इनामी नक्सली था. इसके साथ ही 5 लाख का इनामी एक अन्य नक्सली भी इसी मुठभेड़ में मारा गया. यहीं से जेजेएमपी नक्सली संगठन का पतन शुरू हुआ. सुप्रीमो के मारे जाने के कुछ दिनों बाद ही पुलिस ने गुमला जिले में जेजेएमपी के तीन नक्सलियों को भी मार गिराया. नक्सलियों के लगातार मारे जाने से संगठन में भी खलबली मच गई. इधर, पुलिस द्वारा चलाए जा रहे लगातार अभियानों और सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण की योजना बनाई.
सुप्रीमो के मारे जाने के बाद सबसे पहले तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. उसके बाद संगठन के दूसरे सबसे बड़े कमांडर लवलेश ने भी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. लवलेश पर 10 लाख रुपये का इनाम था. इसके बाद कई अन्य नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया. सोमवार को संगठन के पूरे दस्ते ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
एसपी कुमार गौरव ने बताया कि दो महीने के अंतराल में जेजेएमपी के 16 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है. इनमें 6 इनामी नक्सली हैं. इसके अलावा, माओवादियों के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई से घबराकर तीन माओवादी नक्सलियों ने भी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है.
सीआरपीएफ आईजी साकेत कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे देश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए अभियान शुरू किया है. 31 मार्च 2026 तक पूरे देश को नक्सल मुक्त बनाना है. उन्होंने कहा कि लातेहार जिले में अब कुछ ही नक्सली बचे हैं. उनके खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. नक्सलियों के पास अब दो ही विकल्प बचे हैं, या तो वे आत्मसमर्पण कर दें या फिर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें.


