8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है. जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में आयोग की तैयारी तेज हो गई है. संभावना है कि 1 जनवरी 2026 से एरियर लागू होगा और फिटमेंट फैक्टर के आधार पर न्यूनतम सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹58,500 तक पहुंच सकती है.
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. हर किसी के मन में बस यही सवाल है कि नया वेतन आयोग कब से लागू होगा और उनकी जेब में कितना पैसा बढ़कर आएगा. आइए, आसान भाषा में समझते हैं पूरी तस्वीर.
सरकार ने शुरू की तैयारी, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी अध्यक्षता
इस बार आयोग की कमान जस्तीस रंजना प्रकाश देसाई के हाथों में है. आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर 2026 तक अंतरिम रिपोर्ट और 2027 तक फाइनल रिपोर्ट सामने आ सकती है.
1 जनवरी 2026 से मिल सकता है एरियर का लाभ
भले ही आयोग की सिफारिशें लागू होने में थोड़ा समय लगे, लेकिन कर्मचारियों के लिए राहत की बात यह है कि एरियर (बकाया राशि) 1 जनवरी 2026 से ही जोड़ा जाने की संभावना है. जानकारों का मानना है कि सातवें वेतन आयोग की अवधि इसी समय खत्म हो रही है, इसलिए नए नियमों का आर्थिक लाभ इसी तारीख से कैलकुलेट किया जाएगा.
कितनी बढ़े सकती है आपकी बेसिक सैलरी?
कर्मचारी संगठन इस बार 3.25 फिटमेंट फैक्टर की पुरजोर मांग कर रहे हैं. अगर सरकार इस मांग को मान लेती है, तो सैलरी में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा:
फिलहाल न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है. अगर फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच रहता है, तो यह बढ़कर 30,000 से 32,000 रुपये हो सकती है.
यदि सरकार ने 3.25 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया, तो 18 हजार वाली बेसिक सैलरी सीधे 58,500 रुपये तक पहुंच सकती है.
पिछले वेतन आयोगों का रिकॉर्ड
इतिहास देखें तो छठे वेतन आयोग में करीब 40% की औसत वृद्धि हुई थी, जबकि सातवें वेतन आयोग में कर्मचारियों को 20 से 35% तक का फायदा मिला था. जानकारों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग में भी वेतन वृद्धि 20% से 35% के दायरे में रह सकती है.


