गैंगस्टर चंदन मिश्रा हत्याकांड में 4 अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस लगातार उनसे पूछताछ कर रही है, जिसमें कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. इस बीच मामले में सात अरोपियों की भूमिका सामने आई है. तो वहीं, भोजपुर में हुए एनकाउंटर के बाद सदर हॉस्पिटल काफी देर तक पुलिस छावनी में तब्दील हो गया.
गैंगस्टर चंदन मिश्रा की पटना के पारस अस्पताल में गोली मारकर हत्या कर दी गई. जिसके बाद से पुलिस लगातार एक्शन मोड में है. घटना को लेकर बंगाल से 4 अपराधियों की गिरफ्तारी की गई तो वहीं भोजपुर में 2 अपराधियों का एनकाउंटर भी किया गया. पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए अपराधियों से लगातार पूछताछ की जा रही है. जिसमें कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. इस बीच पूछताछ के क्रम में ही पूरे 7 अपराधियों की भूमिका सामने आई है.
तौसीफ, नीशू के साथ ये सभी अपराधी थे शामिल
- तौसीफ रजा उर्फ बादशाह – पारस अस्पताल में हत्या करने के लिए सभी को लीड कर रहा था.
- नीशू – यह तौसीफ का मौसेरा भाई है और इसके समनपुरा घर पर ही हत्या की प्लानिंग की थी.
- बलवंत – इससे तौसीफ की दोस्ती जेल में हुई थी. इसने ही तौसीफ को चंदन मिश्रा की हत्या की सुपारी शेरू के कहने पर दी थी.
- रवि रंजन – चंदन मिश्रा को गोली मारने में शामिल था.
- हर्ष – इसने शूटरों को पटना से भगाने में मदद की थी. यह नीशू का केयर टेकर भी है.
- भीम – तौसीफ और नीशू को कोलकाता लाने में मदद की थी.
- अभिषेक – सभी को अस्पताल तक लाया था और खुद बाहर खड़ा था.
एक ही बाइक से भागे थे बलवंत सिंह, रविरंजन और अभिषेक
पूछताछ के दौरान यह भी क्लियर हुआ कि, पारस हॉस्पिटल के कमरा नंबर 209 में चंदन मिश्रा की हत्या करने के बाद बलवंत सिंह, रविरंजन सिंह और अभिषेक एक ही बाइक से भागे थे. इस दौरान बाइक पर ही बलवंत ने हाथ उठा कर जश्न मनाया था. हत्या के बाद वायरल सीसीटीवी फुटेज में बलवंत सिंह को रवि रंजन सिंह और अभिषेक के साथ जाते हुए देखा गया था. अभिषेक बाइक चला रहा था और बलवंत बीच में बैठा था और रविरंजन सबसे पीछे बैठा था. जबकि पारस हॉस्पिटल के सीसीटीवी फुटेज में तीसरे नंबर पर बलवंत था और उसने सफेद रंग की शर्ट और टोपी पहन रखी थी.
पुलिस से मुठभेड़ की थी तैयारी
वहीं, पांचवें स्थान पर रवि रंजन कुमार सिंह था. बलवंत सिंह और रवि रंजन कुमार सिंह ने चंदन मिश्रा को अस्पताल के अंदर घुस कर गोली मारी थी और अभिषेक सड़क पर था. बलवंत सिंह का संपर्क पुरुलिया जेल में बंद शेरू सिंह से है. शेरू सिंह के इशारे पर ही पूरी घटना को अंजाम दिया गया. मुख्य शूटर तौसीफ रजा उर्फ ‘बादशाह’ को पांच लाख रुपये में बलवंत सिंह ने ही हायर किया था और उसे 10 पिस्टल दी थीं. यह माना जा रहा है कि, घटना के समय भी इन लोगों के पास 10 पिस्टल थीं. मसलन पुलिस से मुठभेड़ करने की भी पूरी तैयारी कर चंदन मिश्रा की हत्या के लिए ये सभी पहुंचे थे.


