धनबाद: नगर निगम चुनाव में इस बार महिलाओं की भागीदारी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है. घरेलू कामकाज संभालने के साथ-साथ महिलाएं अब चुनावी अखाड़े में भी पूरे जोश और उत्साह के साथ उतर चुकी हैं. धनबाद नगर निगम के 55 वार्डों में पार्षद पद के लिए कुल 447 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें 262 महिलाएं और 185 पुरुष प्रत्याशी शामिल हैं. खास बात यह है कि इस बार महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है. अनारक्षित 29 वार्डों में भी 58 महिला उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर यह साबित किया है कि वे सिर्फ आरक्षित सीटों तक सीमित नहीं रहना चाहती हैं.
नगर निगम के 55 वार्डों में से 26 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. इन वार्डों में मुकाबला काफी रोचक हो गया है. वार्ड संख्या 27 में ही 10 महिला प्रत्याशी आमने-सामने हैं. प्रचार के दौरान महिला उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई, जल निकासी, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का आश्वासन दे रही हैं. इसके अलावा वे महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और बाजार क्षेत्रों में महिलाओं के लिए शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा भी कर रही हैं.
महिला प्रत्याशियों का कहना है कि यह अवसर उनके लिए अपने वार्ड के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का सुनहरा मौका है. वे इसे जिम्मेदारी और सम्मान दोनों के रूप में देख रही हैं. इस चुनाव में पार्षद पद के साथ-साथ मेयर पद के लिए भी महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं. धनबाद मेयर पद के लिए कुल 29 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं.

बीते वर्षों में यह चर्चा होती रही है कि कई जगहों पर महिला पार्षदों की जगह उनके पति बैठकों में हिस्सा लेते हैं और कार्यों की देखरेख करते हैं. इस विषय पर चुनाव लड़ रही महिलाओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में परिवार का सहयोग बेहद जरूरी होता है. महिला प्रत्याशियों का मानना है कि पति का समर्थन जनसंपर्क और विकास कार्यों को गति देने में सहायक होता है. अगर वार्ड के हित में वे बैठकों में शामिल होते हैं तो इसे सहयोग की भावना से देखा जाना चाहिए.समग्र रूप से देखा जाए तो महिलाएं अब घर की चौखट से बाहर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने और बदलाव की नई इबारत लिखने को तैयार हैं.


