Friday, April 4, 2025

 32,688 हेड मास्टरों को जिला आवंटित, अब तीन प्रखंडों का देना है विकल्प, ये है लास्ट डेट

Share

बिहार में ट्रांसफर का इंतजार कर रहे बीपीएससी शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. शिक्षा विभाग ने 32,688 हेड मास्टर अभ्यर्थियों को जिला आवंटित कर दिया है. अब उनसे तीन प्रखंडों का विकल्प मांगा गया है. इसके लिए करीब 10 दिनों का समय दिया गया है.

शिक्षा विभाग ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा चुने गए 32,688 हेड मास्टरों को जिलों का आवंटन कर दिया है. इसको लेकर गुरुवार को आधिकारिक आदेश जारी किया गया. शिक्षा विभाग की तरफ से यह आवंटन सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया गया है. अब प्रधान शिक्षकों को अपने आवंटित जिले के भीतर तीन-तीन प्रखंडों के विकल्प देने होंगे. इसके बाद उन्हें स्कूलों का आवंटन किया जायेगा. यह प्रक्रिया पांच से 12 अप्रैल के बीच ऑनलाइन पूरी की जायेगी. 

2645 अभ्यर्थियों को आवंटित नहीं किए गए जिले

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आयोग की परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के पहले, दूसरे और तीसरे विकल्पों और जिलावार रिक्तियों के आधार पर जिलों का आवंटन किया गया है. हालांकि, 2645 हेड मास्टर अभ्यर्थियों को अभी जिले आवंटित नहीं किये गये हैं. उन्हें उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार तीन- तीन जिलों के विकल्प देने का अवसर अलग से दिया जायेगा. आयोग ने कुल 36,947 सफल अभ्यर्थियों को रिकमेंड किया था, लेकिन काउंसेलिंग के दौरान 35,333 के दस्तावेज सही पाये गये. शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, तीन-तीन प्रखंडों के विकल्प देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 12 अप्रैल के बाद प्रधान शिक्षकों को स्कूल आवंटित किये जायेंगे.

5 से 12 अप्रैल के बीच पूरी होगी यह प्रक्रिया

बीपीएससी की तरफ से तीसरे चरण में चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों और प्रधान शिक्षकों से तीन-तीन प्रखंडों का विकल्प मांगा गया है. शिक्षा विभाग की तरफ से विकसित सॉफ्टवेयर पर पांच से 12 अप्रैल के बीच अभ्यर्थियों को विकल्प देना है. इसी समय सीमा में प्रधान शिक्षक ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर विकल्प देंगे. इन शिक्षकों को विद्यालय आवंटन करने के लिए प्रखंडों का विकल्प मांगा गया है. शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से विकल्प लेने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखा है. विभाग ने डीइओ को लिखे पत्र में कहा है कि काउंसिलिंग में सफल प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के चयनित अभ्यर्थियों को ही तीन प्रखंडों का विकल्प देना है. विभाग ने यह भी साफ किया है कि पांच से 12 अप्रैल के बीच जो शिक्षक विकल्प नहीं देंगे, उनके विद्यालय का आवंटन विभाग के स्तर पर उपलब्ध रिक्ति को देखते हुए कर दिया जायेगा.

Read more

Local News