गुमला: जिले के रायडीह प्रखंड स्थित मंझाटोली बेरियर बगीचा में आयोजित होने वाले जन संस्कृतिक समागम जतरा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी. राष्ट्रपति की ओर से इसकी सहमति दे दी गई है. 30 दिसंबर को वह कार्यक्रम में शामिल होने गुमला पहुंचेंगी.
दरअसल, गमला जिले के रायडीह प्रखंड में आदिवासी शक्ति स्वायतसाशी विवि निर्माण समिति द्वारा कार्यक्रम प्रस्तावित था, जो 7 और 8 दिसंबर को होने वाला था. जिसे अपरिहार्य कारणों से टाल दिया गया था. अब यह कार्यक्रम 28 और 29 दिसंबर को बैरियर बगीचा, शंख मोड़, मंझाटोली में होगा. इसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं.
कार्यक्रम को लेकर गुमला स्वायत शासी विवि निर्माण समिति मंझाटोली के अध्यक्ष शिवशंकर उरांव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. उन्होंने राष्ट्रपति को सार्वजनिक सांस्कृतिक कार्यक्रम (जतरा) में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया.
इस दो दिवसीय जतरा में 29 दिसंबर को तीन राज्यों छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों सहित हजारों लोग शामिल होंगे. वहीं कार्यक्रम में शामिल होने पर राष्ट्रपति की सहमति के बाद स्थानीय लोग काफी उत्साहित हैं.
- शिवशंकर उरांव ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक संस्कृति, आदिवासी पहचान और क्षेत्रीय एकता को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के आने से इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक महत्व मिलेगा. राष्ट्रपति के दौरे की खबर के बाद गुमला जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है. गुमला के एसडीओ राजीव नीरज और अन्य अधिकारियों ने मांझाटोली कार्यक्रम स्थल का दौरा किया और व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए.
- वहीं उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित, एसपी हरीश बिन जमा और अन्य जिला अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया. कानून व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में विशेष चर्चा की गई. इस अवसर पर उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि राष्ट्रपति के आगमन के लिए सभी हितधारकों के समन्वय से सभी स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं, ताकि उनके दौरे के दौरान कोई कमी न रहे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के आगमन और कार्यक्रम के लिए सभी व्यवस्थाएं समय पर और प्रभावी ढंग से पूरी हों, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ बैठकें की जाएंगी.
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति 30 दिसंबर, 2025 को रायडीह के शंख मोड़, बैरियर बगीचा, मंझाटोली कॉम्प्लेक्स में पहुंचेंगी. इस महत्वपूर्ण अवसर को देखते हुए, जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, साफ-सफाई, कानून व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्यक्रम सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण तरीके से आयोजित हो.


