गुजरात के वलसाड में पॉक्सो कोर्ट ने तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई.
वलसाड: पिछले साल अगस्त में गुजरात के वलसाड जिले में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था. इस मामले में पुलिस ने 9 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल किया और अदालत ने 6 महीने के भीतर आरोपी को सजा सुनाकर त्वरित न्याय दिलाने का उदाहरण पेश किया. विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.
जानकारी के अनुसार वलसाड जिले के उमरगाम क्षेत्र में 27 अगस्त 2024 को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे 3 साल 3 महीने की बच्ची से दुष्कर्म की घटना घटी. पड़ोसी युवक ने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फरार हो गया था. घटना की गंभीरता को देखते हुए वलसाड पुलिस अपराध शाखा, विशेष अभियान समूह और विशिष्ट अधिकारियों की टीम गठित कर आरोपी को पकड़ने के लिए पूरा अभियान चलाया गया. जांच से पता चला कि आरोपी अपराध को अंजाम देकर झारखंड भाग गया. हालांकि, वलसाड क्राइम ब्रांच ने आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया था.
एसआईटी को सौंपी गई मामले की जांच
शाम छह बजे जब घटना की सूचना उमरगाम थाने में दी गई तो पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर पीड़ित बच्ची को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया. इस गंभीर अपराध के बाद वलसाड पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने और पीड़िता व उसके परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया.
पुलिस टीम ने बेहद तत्परता के साथ तीन दिन में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. जांच के दौरान एसआईटी ने फॉरेंसिक, मेडिकल, तकनीकी और गवाह साक्ष्य एकत्र किए और केवल 9 दिनों में विशेष पॉक्सो कोर्ट में 470 पन्नों की चार्जशीट पेश की. इस मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 65(2) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 4, 5(एम), 6, 8 के तहत केस दर्ज किया गया.
विशेष पॉक्सो कोर्ट का फैसला
विशेष लोक अभियोजक अनिल त्रिपाठी ने महज 6 महीने में मुकदमा पूरा कर मजबूत पक्ष पेश किया. 24 मार्च 2025 को न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार का जुर्माना भी लगाया. इसके साथ ही पीड़िता को 6 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश जारी किया गया है.
वलसाड पुलिस टीम को बधाई
वलसाड पुलिस ने तीन नए अधिनियमित कानूनों – भारतीय न्यायिक प्रक्रिया संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का सर्वोत्तम उपयोग करके यह सराहनीय कार्य किया है. गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई के लिए वलसाड पुलिस को बधाई दी. साथ ही इस मामले को गुजरात पुलिस की कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया.