Wednesday, February 26, 2025

2019 के बाद पहली बार कश्मीरी आबादी की मौजूदगी से जम्मू के बाजारों में फिर रौनक लौटी. व्यापारियों ने क्या कहा, पढ़िये.

Share

Jammu Kashmir

जम्मूः जम्मू में फिर से रौनक लौट आई. 2019 के बाद पहली बार शीतकालीन राजधानी जम्मू में बड़ी संख्या में कश्मीरी मुस्लिम आबादी को देखा गया. कई स्थानों पर अनुच्छेद 370 हटने से पहले की तरह भीड़ देखी गई. कश्मीर घाटी, चिनाब घाटी और पीर पंजाल क्षेत्र के हजारों लोगों ने सर्दियों के महीने जम्मू में बिताए. जबकि उनके मूल स्थानों पर बर्फबारी हुई और ठंड का सामना करना पड़ा.

क्या है दरबार मूवः अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से पहले, दरबार मूव (शासन का स्थानांतरण) होने पर यह एक नियमित मामला हुआ करता था. सरकारी कर्मचारी, जो मूव कार्यालयों का हिस्सा थे अपने परिवारों को साथ लाते थे. उनके साथ, उनके रिश्तेदार और आम लोग भी जम्मू में आते थे. लेकिन 2019 के बाद जब दरबार मूव की प्रथा समाप्त हो गई तो यह चलन कम हो गया. केवल कुछ ही लोग शीतकालीन राजधानी में शिफ्ट हो रहे थे. पिछले कुछ वर्षों में, यह चलन फिर से बढ़ने लगा. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दरबार मूव फिर से शुरू करने की बात कही.

व्यापारियों के लिए वरदानः जम्मू में कश्मीरी आबादी की उपस्थिति स्थानीय व्यापारियों के लिए वरदान है. उनका मानना ​​है कि कश्मीरी आबादी के कारण बाजारों में रौनक लौट आई है. रघुनाथ हेरिटेज मार्केट के व्यापारी साहिल मल्होत्रा ने ईटीवी भारत से बात करते हुए कहा कि कई सालों के बाद उनके कारोबार में तेजी आई है. “ऐसा लगा जैसे सालों से सूखे जैसी स्थिति खत्म हो गई है. हम भूल गए थे कि लोग बाजारों में आते हैं या नहीं और बाजार बचेंगे या नहीं. लेकिन कश्मीरी लोगों के चेहरे देखकर हमें उम्मीद जगी कि हां कारोबार बच सकता है.”

साहिल मल्होत्रा ने कहा, “हमारा अस्तित्व कश्मीरी लोगों पर है. उनकी (कश्मीरी आबादी की) खरीद क्षमता अलग है. हमें उनकी ज़रूरतों के हिसाब से अपना स्टॉक रखना पड़ता है.अगर कश्मीरी लोग नहीं होते तो हम व्यापार नहीं कर पाते, जो हमने पिछले दो-तीन महीनों में नहीं किया.” हरि मार्केट इलाके के एक अन्य व्यापारी सतपाल विनोद गुप्ता ने कहा, “हां किसी तरह सर्दी अच्छी रही और कई कश्मीरी लोग अपनी जरूरत की चीजें खरीदने आए. हम कह सकते हैं कि पिछले कुछ सालों की तुलना में इस साल अच्छा कारोबार हुआ.”

पसरने लगा सन्नाटाः मलिक मार्केट क्षेत्र के पास वेव मॉल ऐसा क्षेत्र था जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. इस व्यापारिक केंद्र में बच्चों के लिए गेम जोन, रेस्तरां और मूवी थियेटर है. दुकानदारों ने भी इस सर्दी में खूब मौज-मस्ती की. लेकिन कश्मीर घाटी और जम्मू क्षेत्र के विंटर जोन में 28 फरवरी को सर्दियों की छुट्टियां खत्म हो रही हैं. ज्यादातर लोग अपने मूल स्थानों पर लौट चुके हैं. जम्मू में सन्नाटा पसरने लगा है. बाजारों में बहुत कम कश्मीरी लोग नजर आ रहे हैं.

वेव मॉल में लाइफस्टाइल शोरूम के एक सेल्समैन ने बताया कि “हमने पाया कि कश्मीरी आबादी की मौजूदगी से हमारी बिक्री में बढ़ोतरी हुई और यह सभी के लिए सकारात्मक परिणाम था. एक दुकान के एक स्टॉल पर, प्रतिदिन की औसत कमाई करीब 50 हजार रुपये थी और हर जगह ऐसे कई स्टॉल हैं. कई ग्राहक पैसे की परवाह किए बिना ब्रांडेड आइटम चाहते थे, लेकिन कुछ लोग अपनी खरीद क्षमता के आधार पर कपड़े खरीदते थे

Read more

Local News