मुजफ्फरपुर | 31 अक्टूबर 2026 | Bharat Superfast News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 नवंबर 2026 को प्रस्तावित बिहार दौरे को लेकर मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन सड़क परियोजना के शिलान्यास की तैयारियां तेज हो गई हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की मुजफ्फरपुर इकाई ने इस संबंध में जिला भू-अर्जन कार्यालय को पत्र भेजकर भूमि अधिग्रहण से जुड़ी लंबित प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने का आग्रह किया है।
NHAI के परियोजना निदेशक विनीत कुमार बागेरिया ने पत्र में बताया है कि मुजफ्फरपुर-सोनबरसा चार लेन सड़क परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है और फिलहाल यह निविदा प्रक्रिया में है। पत्र के अनुसार, प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के दौरान परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम को भी शामिल किए जाने की संभावना है।
शिलान्यास से पहले भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर
परियोजना के शिलान्यास से पहले अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना आवश्यक है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत धारा 3-ए की अधिसूचना और धारा 3-डी की घोषणा की प्रक्रिया पूरी की जानी है।
NHAI ने जिला भू-अर्जन कार्यालय से प्रस्तावित अधियाचना की दोबारा जांच कराने और उसे जल्द भूमि राशि पोर्टल पर अपलोड करने का अनुरोध किया है। प्राधिकरण का कहना है कि समय पर प्रक्रिया पूरी होने से परियोजना के शिलान्यास की तैयारियों में मदद मिलेगी।
भूमि अधिग्रहण से जुड़ी आपत्तियों का दिया गया जवाब
NHAI की ओर से पहले भेजी गई 3-ए अधियाचना की जिला भू-अर्जन कार्यालय के अमीन और मापकों ने जांच की थी। इस दौरान कुछ बिंदुओं पर आपत्तियां और सवाल सामने आए थे।
परियोजना निदेशक ने पत्र के माध्यम से इन सभी बिंदुओं का क्रमवार जवाब दिया है। प्राधिकरण ने अनुरोध किया है कि संशोधित विवरणों की दोबारा जांच कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाए।
शाहपुर मौजा के दो खेसरों का रकबा पहले ही गजट में प्रकाशित
पत्र में औराई अंचल के शाहपुर मौजा का भी उल्लेख किया गया है। शाहपुर थाना संख्या 0-26 के पांच खेसरों को भूमि अधियाचना में शामिल किया गया था। इनमें खेसरा संख्या 0-5 और 6 का अर्जन रकबा पहले ही राजपत्र में प्रकाशित हो चुका है।
इसी वजह से मौजूदा अधियाचना में इन दोनों खेसरों का अर्जन रकबा शून्य यानी 0.000 दर्शाया गया है। NHAI ने बताया है कि अन्य मौजों में भी जिन खेसरों का रकबा पहले अधिग्रहित होकर गजट में प्रकाशित हो चुका है, उन्हें वर्तमान अधियाचना में इसी आधार पर दर्ज किया गया है। ऐसे मामलों में कैफियत कॉलम में पूर्व में अधिग्रहित भूमि का विवरण दिया गया है।
तीन मौजों में तकनीकी त्रुटियों को ठीक करने की तैयारी
मकसुदपुर, मानिकपुर और विशुनपुर राजे मौजा से जुड़े भूमि अधिग्रहण के विवरण में कुछ तकनीकी त्रुटियां सामने आई हैं। NHAI के अनुसार, अधिग्रहित राइट ऑफ वे (ROW) सड़क की संरेखण रेखा के बाईं ओर है, जबकि मौजूदा सड़क बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की ओर से निर्मित सड़क के रूप में संचालित है।
पत्र में बताया गया है कि पूर्व में गजट में प्रकाशित भूमि का रकबा नहीं घटाए जाने के कारण कुछ तकनीकी विसंगतियां बनी हुई थीं। इन्हें दुरुस्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
इस संबंध में NHAI ने जिला भू-अर्जन कार्यालय के कानूनगो और मापकों के साथ संयुक्त जांच कराने का अनुरोध किया है। इसके लिए आपसी समन्वय से तारीख निर्धारित करने की बात कही गई है, ताकि भूमि अधिग्रहण के विवरण में मौजूद त्रुटियों का समाधान किया जा सके।
परियोजना के शिलान्यास को लेकर तैयारियां जारी
मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अब निविदा और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं। NHAI ने जिला प्रशासन से लंबित औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने का आग्रह किया है।
हालांकि, प्रधानमंत्री का 20 नवंबर को बिहार दौरा अभी प्रस्तावित बताया गया है। इसी तरह परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम को भी संभावित कार्यक्रम के तौर पर बताया गया है। अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
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