नई दिल्ली: 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन UPI से भुगतान को लेकर चल रहा असमंजस अब दूर हो गया है। व्यापारिक संगठनों की ओर से घोषित ‘No UPI Day’ का विरोध वापस ले लिया गया है। AIMRA और AICPDF ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक के बाद 2 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन नहीं करने का फैसला किया। ऐसे में UPI सेवा बंद रहने जैसी कोई देशव्यापी व्यवस्था नहीं है और ग्राहक सामान्य तरीके से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं।
क्यों घोषित किया गया था ‘No UPI Day’?
व्यापारी संगठनों ने UPI के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित Merchant Discount Rate (MDR) के विरोध में 2 अक्टूबर को ‘No UPI Day’ मनाने का ऐलान किया था।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के कुछ P2M (Person-to-Merchant) UPI भुगतान पर 0.40 प्रतिशत MDR लागू होना है। इस शुल्क का भुगतान मर्चेंट पक्ष से जुड़ा है, ग्राहक पर सीधे शुल्क लगाने की व्यवस्था नहीं बताई गई है।
वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद वापस हुआ विरोध
AIMRA और AICPDF के प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक में MDR से जुड़ी अपनी चिंताएं रखीं। व्यापारिक संगठनों ने इस व्यवस्था को टालने और शुल्क से जुड़ी सीमा बढ़ाने समेत कई मांगें सरकार के सामने रखीं।
बैठक के बाद दोनों संगठनों ने 2 अक्टूबर का प्रस्तावित विरोध वापस लेने की घोषणा की। हालांकि, इससे प्रस्तावित MDR व्यवस्था अपने आप खत्म नहीं हुई है।
2 अक्टूबर को आम ग्राहक क्या करें?
आम UPI उपयोगकर्ताओं के लिए 2 अक्टूबर को देशव्यापी तौर पर UPI बंद रहने की बात सही नहीं है। यानी दुकान, ऑनलाइन सेवा या अन्य जगहों पर उपलब्ध UPI सुविधा के जरिए सामान्य रूप से भुगतान किया जा सकता है।
हालांकि, किसी विशेष दुकान या व्यापारी ने स्थानीय स्तर पर UPI स्वीकार नहीं करने का फैसला किया हो तो वहां अलग स्थिति हो सकती है।
15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है?
सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा P2M UPI लेनदेन पर 0.40% MDR का प्रावधान है। प्रति लेनदेन शुल्क की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की गई है। PIB के अनुसार P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI भुगतान पर MDR नहीं लगाया जाएगा।
| भुगतान का प्रकार | प्रस्तावित व्यवस्था |
|---|---|
| P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति | MDR नहीं |
| P2M ₹2,000 तक | MDR नहीं |
| चुनिंदा P2M ₹2,000 से अधिक | 0.40% MDR |
| MDR की अधिकतम सीमा | ₹300 प्रति लेनदेन |
व्यापारियों की क्या मांग है?
व्यापारी संगठनों ने सरकार से प्रस्तावित MDR को टालने, छोटे कारोबारियों के लिए अधिक सीमा तय करने और त्योहारों के दौरान इसका असर कम करने जैसी मांगें रखी हैं। Business Standard के अनुसार AIMRA और AICPDF ने सीमा को ₹5 लाख तक बढ़ाने की मांग भी उठाई है।
सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा
UPI MDR को लेकर कानूनी चुनौती भी सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल शुल्क व्यवस्था पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार किया है और केंद्र सरकार, RBI तथा NPCI से इस मामले में जवाब मांगा है।
ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात
2 अक्टूबर 2026 को ‘No UPI Day’ के नाम पर देशभर में UPI बंद नहीं रहेगा। संबंधित व्यापारिक संगठनों ने अपना प्रस्तावित विरोध वापस ले लिया है। वहीं, 15 अक्टूबर से लागू होने वाली MDR व्यवस्था अलग मुद्दा है, जो कुछ खास मर्चेंट UPI भुगतानों पर लागू होगी।
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