रांची: 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी चैंपियनशिप 2026 में भागीदारी के लिए झारखंड जूनियर महिला हॉकी टीम के गठन को लेकर बुधवार को चयन ट्रायल आयोजित किया गया. यह ट्रायल राजधानी रांची के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, मोराबादी में संपन्न हुआ, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से कुल 61 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया.
खिलाड़ियों ने खेल क्षमता का प्रदर्शन किया
ट्रायल में सिमडेगा, खूंटी, रांची और गुमला जिलों की प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों ने अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन किया. कई घंटों तक चले इस चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस, गति और टीम समन्वय का बारीकी से आकलन किया गया. प्रशिक्षकों और चयनकर्ताओं ने हर खिलाड़ी के प्रदर्शन पर विशेष नजर रखते हुए निष्पक्ष चयन प्रक्रिया अपनाई. इस ट्रायल के बाद कुल 30 खिलाड़ियों का चयन किया गया है.
खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण
जिन्हें आगे विशेष प्रशिक्षण शिविर (कोचिंग कैंप) में शामिल किया जाएगा. इस कैंप के दौरान खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, जहां उनकी तकनीकी और मानसिक तैयारी को और मजबूत किया जाएगा. इसके बाद अंतिम रूप से 18 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जो झारखंड की ओर से 29 अप्रैल से 10 मई 2026 तक पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी.
ट्रायल में खिलाड़ियों का बेहतरीन प्रदर्शन
हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह ने चयन प्रक्रिया को लेकर संतोष जताते हुए कहा कि झारखंड में महिला हॉकी की प्रतिभाएं लगातार उभर रही हैं. बुधवार को ट्रायल में खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. हमारा प्रयास है कि सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर सके.
खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन
उन्होंने आगे कहा कि चयनित खिलाड़ियों के लिए आयोजित विशेष कैंप में फिटनेस, स्किल डेवलपमेंट और मैच प्रैक्टिस पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे टीम हर लिहाज से मजबूत बन सके. इस दौरान हॉकी झारखंड से जुड़े मनोज कोनबेगी, दसरथ महतो सहित कई अनुभवी प्रशिक्षक और पदाधिकारी मौजूद रहे. सभी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी.
उभरती प्रतिभाओं को अवसर
झारखंड की महिला हॉकी टीम पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुकी है. ऐसे में इस बार भी टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. चयन ट्रायल के माध्यम से उभरती प्रतिभाओं को अवसर देना राज्य में हॉकी के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.


