Wednesday, October 28, 2026

1500 वित्त रहित शिक्षण संस्थानों को मिलेगा 75% बढ़ा हुआ अनुदान, शिक्षा सचिव का भरोसा.

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28 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS

Jharkhand Education News: झारखंड के करीब 1500 वित्त रहित शिक्षण संस्थानों को बढ़े हुए अनुदान का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है। शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 75 प्रतिशत बढ़े हुए अनुदान के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही अनुदानित संस्थानों की छात्राओं को सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ देने और लंबित अनुदान राशि जारी करने के मामलों पर भी कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।

75% बढ़े हुए अनुदान को लेकर शिक्षा सचिव से मुलाकात

बुधवार को वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह से मुलाकात कर शिक्षण संस्थानों से जुड़ी तीन प्रमुख मांगें रखीं।

इनमें वित्तीय वर्ष 2026-27 में बढ़े हुए अनुदान का भुगतान, अनुदानित संस्थानों की छात्राओं को सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ और अपीलीय आवेदन के आधार पर स्वीकृत अनुदान की राशि संस्थानों के खातों में भेजने की मांग शामिल थी।

प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। शिक्षा सचिव ने तीनों मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से भुगतान में देरी

मोर्चा के प्रतिनिधियों के अनुसार, 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि से संबंधित प्रस्ताव पर वित्त और विधि विभाग की सहमति मिलने के बावजूद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्तुत नहीं किया गया था। यह मामला विधानसभा में भी उठाया गया था, जहां सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बढ़ी हुई अनुदान राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।

हालांकि, संस्थानों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की जांच की शर्त भी रखी गई थी।

प्रतिनिधियों ने बताया कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 9 मार्च 2026 और 16 अगस्त 2026 को जिला शिक्षा पदाधिकारियों तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी थी। मोर्चा का कहना है कि अधिकांश जिलों से रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

सरकार अपने आश्वासन से पीछे नहीं हटेगी: शिक्षा सचिव

जांच रिपोर्ट में हो रही देरी का मुद्दा उठाए जाने पर शिक्षा सचिव ने कहा कि सरकार विधानसभा में दिए गए आश्वासन से पीछे नहीं हटेगी। जिन जिलों से जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है, वहां से रिपोर्ट मंगाकर अनुदान भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इस आश्वासन से संबंधित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक-कर्मचारियों को बढ़ी हुई अनुदान राशि मिलने की उम्मीद है। हालांकि, भुगतान की निश्चित तारीख और राशि जारी होने की अंतिम समयसीमा की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।

छात्राओं को सावित्रीबाई फुले योजना का लाभ देने की मांग

बैठक में वित्त रहित अनुदानित संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं को सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया।

मोर्चा के प्रतिनिधियों ने कहा कि योजना का लाभ इन संस्थानों की छात्राओं तक पहुंचाने के लिए पहले भी आश्वासन दिया गया था। इसके लिए योजना से जुड़े सरकारी संकल्प में संशोधन की प्रक्रिया की बात कही गई थी।

प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, विधायक मथुरा महतो, अमित कुमार यादव और निर्मल महतो ने भी विधानसभा में यह मामला उठाया था। प्रतिनिधियों ने कहा कि इस विषय पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ है।

शिक्षा सचिव ने नीतिगत कारणों से मामला लंबित होने की बात कही और इसे जल्द सुलझाने का भरोसा दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि अनुदानित संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं को भी योजना का लाभ दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

स्वीकृत अनुदान राशि के भुगतान में देरी पर नाराजगी

प्रतिनिधिमंडल ने अपीलीय आवेदन के बाद स्वीकृत अनुदान राशि के हस्तांतरण में हो रही देरी का मामला भी उठाया। मोर्चा के अनुसार, यह राशि 12 अक्टूबर 2026 को जिला शिक्षा पदाधिकारियों के पास भेजी गई थी और 15 अक्टूबर तक संबंधित संस्थानों को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया था।

प्रतिनिधियों का कहना था कि कई जिलों में अब तक भुगतान नहीं हुआ है। इससे शिक्षक-कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

अगले दिन सुबह 11 बजे तक रिपोर्ट देने का निर्देश

मामले पर शिक्षा सचिव ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा से फोन पर बात की और भुगतान में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने अगले दिन सुबह 11 बजे तक निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

रिपोर्ट में यह जानकारी देने को कहा गया कि किन जिलों में अनुदान राशि हस्तांतरित की जा चुकी है और किन जिलों में भुगतान लंबित है। साथ ही, देरी के कारणों की जानकारी भी मांगी गई। सचिव ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।

वित्त रहित शिक्षण संस्थानों को अब भुगतान का इंतजार

झारखंड के वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के लिए बढ़े हुए अनुदान, छात्राओं की योजना और लंबित भुगतान से जुड़े ये तीनों मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। शिक्षा सचिव के आश्वासन के बाद संस्थानों को संबंधित विभागों की अगली कार्रवाई का इंतजार है।

निष्कर्ष: झारखंड के करीब 1500 वित्त रहित शिक्षण संस्थानों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में 75 प्रतिशत बढ़े हुए अनुदान के भुगतान का आश्वासन मिला है। इसके अलावा छात्राओं को सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ देने और लंबित राशि के भुगतान में तेजी लाने की बात कही गई है। वास्तविक भुगतान की तारीख और प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही होगी।

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