झारखंड के सभी 24 जिलों में भारी बारिश और कहीं-कहीं गरज के साथ वज्रपात का येलो अलर्ट मौसम विभाग की ओर से जारी किया गया है. मौसम अलर्ट में कहा गया है कि 12 से 15 जुलाई तक झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में कुछ जगहों पर भारी बारिश होगी. कुछ जगहों पर वज्रपात होने की आशंका है. वेदर अलर्ट में और क्या-क्या कहा गया है, यहां पढ़ें.
झारखंड में लगातार मानसून की बारिश हो रही है. नदियां उफान पर हैं. जलाशय लबालब भर गये हैं. बांध से पानी छोड़ना पड़ रहा है. इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने झारखंड के सभी 24 जिलों में आंधी के साथ वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया है.
11 जुलाई को उत्तर-पश्चिमी झारखंड में होगी भारी बारिश
मौसम केंद्र रांची ने गुरुवार को जारी अपने मौसम पूर्वानुमान में कहा है कि राज्य के सभी 24 जिलों में कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ वज्रपात होने की संभावना है. मौसम केंद्र ने कहा है कि 11 जुलाई को झारखंड के उत्तर-पश्चिमी भाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है.
इन 5 जिलों में भारी बारिश, गरज के साथ वज्रपात का अलर्ट
उन्होंने कहा कि झारखंड के इन क्षेत्रों यानी उत्तर-पश्चिमी भागों (गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार जिले) में कहीं-कहीं पर गर्जन और तेज हवाओं का झोंका (अधिकतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटे से 40 किलोमीटर प्रति घंटे) के साथ वज्रपात होने की संभावना है.
13 को गुमला, सिमडेगा समेत 4 जिलों में होगी भारी वर्षा
12 जुलाई को भी झारखंड में कहीं-कहीं गर्जन के साथ वर्षा और वज्रपात की संभावना जतायी गयी है. मौसम केंद्र ने कहा है कि 13 जुलाई को राज्य के दक्षिण-पश्चिमी और उससे सटे इलाकों (गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम जिले) में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. कुछ जगहों पर गरज के साथ वज्रपात की भी संभावना है.
14 और 15 को गरज के साथ वज्रपात की चेतावनी
14 और 15 जुलाई के मौसम की बात करें, तो पूर्वी झारखंड के कुछ जिलों (बोकारो, धनबाद, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम जिले) में भारी वर्षा होगी. राज्य में कहीं-कहीं गरज के साथ वज्रपात होने की भी आशंका है. इसलिए लोगों को सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है.
झारखंड में 482.8 मिलीमीटर बरस चुका मानसून
झारखंड में अब तक 482.8 मिलीमीटर मानसून की बारिश हुई है, जो सामान्य से 69 फीसदी अधिक है. झारखंड में 1 जून से 10 जुलाई के बीच 285.6 मिलीमीटर वर्षा को सामान्य वर्षा माना जाता है. सबसे अधिक मानसून की बारिश पूर्वी सिंहभूम में हुई है. यहां 852.3 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से 159 फीसदी अधिक है.
झारखंड में अब तक कहां-कितना बरसा मानसून
| क्रमांक | जिला | वास्तविक वर्षा (मिमी में) | सामान्य वर्षा (मिमी में) | विचलन (Departure%) |
| 1 | लोहरदगा | 436.4 | 256.7 | 70 |
| 2 | उन्ना | 431.7 | 254.8 | 69 |
| 3 | देवघर | 204.2 | 283.3 | -28 |
| 4 | सिमडेगा | 559.6 | 306.1 | 83 |
| 5 | गढ़वा | 410.3 | 296.2 | 38 |
| 6 | पूर्वी सिंहभूम | 852.7 | 392.7 | 117 |
| 7 | पाकुड़ | 150.7 | 215.6 | -30 |
| 8 | हजारीबाग | 338.5 | 312.5 | 8 |
| 9 | गोड्डा | 190.6 | 260.2 | -27 |
| 10 | रांची | 441.1 | 374.4 | 18 |
| 11 | दुमका | 404 | 294.2 | 37 |
| 12 | साहिबगंज | 466 | 376.2 | 24 |
| 13 | बोकारो | 406 | 332.4 | 22 |
| 14 | खूंटी | 453.9 | 329.8 | 38 |
| 15 | कोडरमा | 332.1 | 286.8 | 16 |
| 16 | लातेहार | 370.2 | 271.2 | 36 |
| 17 | चतरा | 278.9 | 349.3 | -20 |
| 18 | गुमला | 532.4 | 318.2 | 67 |
| 19 | रामगढ़ | 634 | 298.1 | 113 |
| 20 | जामताड़ा | 736.4 | 288.7 | 155 |
| 21 | पलामू | 274.3 | 295.6 | -7 |
| 22 | सरायकेला-खरसावां | 687.2 | 290.3 | 136 |
| 23 | पश्चिमी सिंहभूम | 663.2 | 286.9 | 131 |
| 24 | राजमहल (संभावित) | 547.3 | 305.4 | 79 |
| झारखंड औसत | 482.8 | 285.6 | 69 |


