Tuesday, March 31, 2026

1 अप्रैल से पैन कार्ड के नियम बदलेंगे, अब ₹20 लाख की प्रॉपर्टी, ₹10 लाख कैश और ₹5 लाख की गाड़ी पर पैन अनिवार्य होगा.

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केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को डिजिटल बनाने और टैक्स चोरी पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. 1 अप्रैल से पैन कार्ड से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव होने जा रहे हैं. इन नए नियमों का सीधा असर आम आदमी की जेब, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री, महंगी गाड़ियों के शौक और बैंक में जमा किए जाने वाले नकद पर पड़ेगा. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन बदलावों का उद्देश्य एक तरफ ईमानदार करदाताओं को राहत देना है, तो दूसरी तरफ बड़े और संदिग्ध लेनदेन पर कड़ी निगरानी रखना है.

प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट में बड़ा बदलाव
अब तक के नियमों के अनुसार, 10 लाख रुपये से अधिक की अचल संपत्ति (मकान, दुकान या जमीन) खरीदने या बेचने पर पैन कार्ड की जानकारी देना अनिवार्य था. लेकिन 1 अप्रैल से इस सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है. इसका मतलब है कि मध्यम वर्गीय परिवार जो छोटे घर या जमीन खरीद रहे हैं, उन्हें अब रजिस्ट्री के वक्त पैन कार्ड की अनिवार्य कागजी कार्रवाई से थोड़ी राहत मिलेगी. हालांकि, 20 लाख से ऊपर के हर सौदे पर पैन कार्ड का विवरण देना अनिवार्य होगा.

कैश लेनदेन और बैंक डिपॉजिट की नई सीमा
कैश लेनदेन को लेकर सरकार ने नियमों को और अधिक स्पष्ट और सख्त बनाया है. अब तक प्रतिदिन 50,000 रुपये से अधिक जमा करने पर पैन कार्ड मांगा जाता था. नए नियमों के तहत, यदि कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में कुल 10 लाख रुपये या उससे अधिक का नकद लेनदेन (जमा या निकासी) करता है, तो उसके लिए पैन कार्ड अनिवार्य होगा. यह कदम ब्लैक मनी के सर्कुलेशन को रोकने के लिए उठाया गया है.

गाड़ी खरीदना अब होगा अलग
ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए भी नियम बदले गए हैं. अब हर छोटी गाड़ी या टू-व्हीलर के लिए पैन कार्ड की जरूरत नहीं होगी. सरकार ने तय किया है कि केवल 5 लाख रुपये से अधिक की कीमत वाले वाहनों (जैसे प्रीमियम कारें या महंगी स्पोर्ट्स बाइक) की खरीद पर ही पैन कार्ड देना होगा. इससे एंट्री-लेवल कार और बाइक खरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी.

होटल और विदेश यात्रा पर नजर
लग्जरी लाइफस्टाइल पर भी आयकर विभाग की नजर रहेगी. अब यदि आप किसी होटल का बिल या किसी बड़े इवेंट (जैसे शादी या फंक्शन) के लिए 1 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करते हैं, तो पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा. पहले यह सीमा मात्र 50,000 रुपये थी. इसके अलावा, विदेश यात्रा के लिए टिकट खरीदने या विदेशी मुद्रा बदलने पर भी नए नियमों के तहत पैन की जानकारी देनी होगी.

पैन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया हुई सख्त
केवल लेनदेन के नियम ही नहीं बदले हैं, बल्कि नया पैन कार्ड बनवाना भी अब पहले जैसा आसान नहीं रहेगा. अब तक केवल आधार कार्ड के जरिए ई-पैन बन जाता था, लेकिन 1 अप्रैल से आपको अतिरिक्त दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट की कॉपी देनी होगी. साथ ही, पुराने आवेदन फॉर्म की जगह अब फॉर्म 93 (व्यक्तियों के लिए) जैसे नए और विस्तृत फॉर्म भरने होंगे.

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