होली के बाद अब रामनवमी की तैयारियां शुरू हो गई हैं. होली के बाद दूसरे मंगलवार को मंगला जुलूस निकाला गया.
रामगढ़: होली के बाद से ही रामनवमी की तैयारियां शुरू हो जाती हैं और होली के बाद पड़ने वाले मंगलवार को रामनवमी के लिए मंगला जुलूस निकालने की पौराणिक परंपरा है. इसी क्रम में होली के बाद के दूसरे मंगलवार को रामनवमी को लेकर भुरकुंडा में भव्य मंगला शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई, जिसमें विभिन्न अखाड़ों के लोग और बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए. यह मंगला जुलूस रामनवमी मैदान से भुरकुंडा थाना मैदान तक निकाला गया.
शोभायात्रा के दौरान सड़कों पर राम भक्तों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा. पारंपरिक हथियारों के साथ राम भक्त नाचते-गाते नजर आए. जुलूस के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे. जुलूस के आगे बुलेट पर सवार महिला शक्ति आकर्षण का केंद्र बनी रही. इसके अलावा, विभिन्न झांकियां भी निकाली गई, जो राम भक्तों और स्थानीय लोगों को मंत्रमुग्ध कर रही थीं. भक्ति गीतों पर भक्त झूमते हुए पूरे उत्साह से जुलूस में शामिल हुए. हजारों की संख्या में राम भक्त हाथों में भगवा झंडा और पारंपरिक हथियार लेकर पूरे जुलूस में चल रहे थे.
गौरतलब है कि रामगढ़ जिले के भुरकुंडा, पतरातू, वेस्ट बोकारो, गोला, चितरपुर, दुलमी और रामगढ़ क्षेत्र में रामनवमी का पर्व बड़े धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया जाता है. चैत्र नवरात्र के दौरान नौ दिनों तक जिले के सभी मंदिरों और अखाड़ों में भक्ति की धूम रहती है. भुरकुंडा में निकले मंगला जुलूस में पूर्व सांसद यदुनाथ पांडे, बड़का गांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद सहित कई प्रमुख लोग शामिल हुए. इसके अलावा, अन्य जिलों से भी कई अखाड़ों के राम भक्त इस भव्य शोभायात्रा में भाग लेने पहुंचे.

इस अवसर पर पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि यह पर्व भक्ति और शक्ति का प्रतीक है और भगवान राम के पदचिन्हों पर चलने की प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा कि रामनवमी भाईचारे और सद्भावना का संदेश देती है. उन्होंने भक्तों से आग्रह किया कि वे माता-पिता का सम्मान करें, गलत आदतों से दूर रहें और मिल-जुलकर इस भव्य पर्व को मनाएं.

पूर्व सांसद यदुनाथ पांडेय ने कहा कि होली के बाद से ही रामनवमी की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. हर क्षेत्र में अलग-अलग मंगलवार को शोभायात्रा निकाली जाती है. उन्होंने बताया कि होली के बाद के दूसरे मंगलवार को भुरकुंडा में यह भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में राम भक्तों ने भाग लिया. उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्र से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है और रामनवमी का पर्व राम भक्तों के लिए अत्यंत हर्ष और उल्लास का अवसर होता है.