झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में भाजपा की कार्यसमिति सदस्य अंकिता वर्मा के नेतृत्व में कई महिलाओं ने सदस्यता ग्रहण की। झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने सभी का स्वागत किया और पार्टी की नीतियों से अवगत कराया। सदस्यों ने राज्य के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कई प्रमुख सदस्य उपस्थित थे।
रांची। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में अन्य दलों से कार्यकर्ताओं के शामिल होने का क्रम तेज हो चला है। इस सिलसिले में सोमवार को भाजपा की कार्यसमिति सदस्य अंकिता वर्मा के नेतृत्व में महिलाओं ने झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी कार्यालय में झामुमो महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय ने सबको दल की सदस्यता ग्रहण कराई।
उन्होंने बताया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन के मार्गदर्शन और पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए भाजपा की कार्यसमिति सदस्य अंकिता वर्मा के नेतृत्व मे रांची की सैकड़ों महिलाओं ने झामुमो की सदस्यता ली।

विनोद पांडेय ने सभी का पार्टी मे स्वागत किया और दल की नीति- सिद्धांतों से अवगत कराकर संगठन को मजबूत करते हुए राज्य के विकास मे अपना महत्वपूर्ण योगदान देने का संकल्प दिलाया।
सदस्यता लेने वालों में मुख्य रूप से रानी देवी, सरिता देवी, मधु देवी, सुधा देवी, अनीता देवी, बबीता देवी, लक्ष्मी देवी, आरती देवी, संगीता देवी, सुनीता देवी, गुड़िया देवी सहित अन्य शामिल थे।
कौन-कौन मौजूद रहा?
इस अवसर पर मुख्य रूप से रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम, केंद्रीय सदस्य सह संयोजक मंडली सदस्य अश्विनी शर्मा, संयोजक मंडली सदस्य डॉ. हेमलाल मेहता, नयनतारा उरांव, संध्या गुड़िया, प्रदीप मिर्धा आदि उपस्थित थे।
बांग्लादेशी घुसपैठ के नाम पर आदिवासियों-मूलवासियों को बांटने का षड्यंत्र रच रही भाजपा: झामुमो
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बयान पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को राज्य की जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है। बांग्लादेशी घुसपैठ के नाम पर झारखंड के आदिवासियों और मूलवासियों को बांटने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के स्पेशल टास्क फोर्स के गठन का असली मकसद आदिवासी समाज को डराने और कमजोर करने का षड्यंत्र है। भाजपा आदिवासियों के नाम पर राजनीति कर रही है, लेकिन सत्ता में रहते हुए कभी सरना धर्म कोड को मान्यता नहीं दी।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा को झारखंड सरकार को घेरने का कोई अधिकार नहीं है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा पूरी तरह केंद्र सरकार का विषय है। अगर घुसपैठ हुआ है तो इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अपनी गलती को सुधारने के लिए कदम बढ़ाना चाहिए।
भाजपा हमेशा धार्मिक ध्रुवीकरण कर सत्ता हासिल करने की कोशिश करती रही है। भाजपा को चाहिए कि वह आदिवासियों के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय उनके अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।



