हर पांच में से एक व्यक्ति हाइपरयूरिसीमिया से परेशान है, यह एक ऐसी कंडीशन है जिसमें यूरिक एसिड का लेवल पुरुषों के लिए 2.5–7 mg/dL और महिलाओं के लिए 1.5–6 mg/dL की नॉर्मल रेंज से ज्यादा हो जाता है. यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने से किडनी स्टोन जैसी दर्दनाक कंडीशन हो सकती हैं. इसके अलावा, जब ब्लड यूरिक एसिड का लेवल ज्यादा होता है, तो जोड़ों में क्रिस्टल बन सकते हैं. इस प्रोसेस से गाउट होता है, जिससे जोड़ों में तेज दर्द, सूजन, लालिमा और जलन होती है, जो मुख्य रूप से पैर के अंगूठे, टखने या घुटने पर असर डालता है.
इसलिए, जब किसी व्यक्ति का यूरिक एसिड लेवल बढ़ता है, तो उन्हें तुरंत हाई-प्यूरीन वाली चीजें जैसे मटन (रेड मीट), सीफूड, दालें और चीज खाना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि ये खाने की चीजें शरीर में यूरिक एसिड का प्रोडक्शन बढ़ाती हैं और एसिड क्रिस्टल बनने को बढ़ावा देते हैं.

लेकिन, बहुत से लोग शिकायत करते हैं कि इन हाई-प्यूरीन फूड्स को हटाने के बाद भी उनका यूरिक एसिड लेवल कम नहीं होता है. ऐसा क्यों है? इसपर जाने-माने जनरल फिजिशियन और डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. गगनदीप सिंह का कहना है कि अगर खान-पान का ध्यान रखने और प्रतिबंधित चीजों से परहेज करने के बाद भी यूरिक एसिड का स्तर कम नहीं होता है, तो इसका कारण हाई-प्यूरीन फूड्स नहीं, बल्कि वे मीठे फूड्स हैं जो हम रोज खाते हैं.
मीट छोड़ने के बाद भी क्यों कम नहीं होता यूरिक एसिड लेवल?
सबको लगता है कि यूरिक एसिड हमारे खाने से आता है, लेकिन सच कुछ और है. असल में, हमारे शरीर में 70 परसेंट यूरिक एसिड हमारा लिवर बनाता है. डॉ. गगनदीप कहते हैं कि यह मीट खाने से नहीं, बल्कि फ्रुक्टोज और चीनी खाने से होता है. डॉ. सिंह का कहना कि मटन और दालें छोड़ने बाद भी अगर यूरिक एसिड का लेवल कम नहीं होता है. तो असली वजह समोसे और मिठाइयां हैं. दरअसल, लिवर में फ्रुक्टोज की प्रोसेसिंग के दौरान यूरिक एसिड एक बायप्रोडक्ट के तौर पर निकलता है. एक गिलास फ्रूट जूस या शहद आपके शरीर में यूरिक एसिड लेवल को एक प्लेट मटन से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ता है.

डॉ. सिंह का कहना है कि कई स्टडीज से यह भी पता चलता है कि फ्रुक्टोज वाली ड्रिंक्स पीने से यूरिक एसिड का लेवल काफी बढ़ सकता है. उनका सुझाव है कि प्रोटीन को पूरी तरह से छोड़ने के बजाय चीनी का सेवन कम करना इस समस्या को ठीक करने में ज्यादा असरदार हो सकता है.
यूरिक एसिड कम करने के ये तरीके भी है बेहद असरदार
डॉ. गगनदीप सिंह की बताई इन सावधानियों को अपनाकर यूरिक एसिड को कंट्रोल में रखा जा सकता है…
- मीठे ड्रिंक्स को कहें अलविदा: पैकेज्ड फ्रूट जूस और सॉफ्ट ड्रिंक्स से पूरी तरह बचें, और खासकर मीठे खाने और ड्रिंक्स से बचें.
- रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट कंट्रोल करें: रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, जैसे कि मैदा, का सेवन कम करें. प्रोसेस्ड फूड्स में छिपी चीनी से सावधान रहें.
- प्रोटीन लेना बंद न करें: अपने शरीर को जरूरी प्रोटीन लेना बंद न करें. समस्या चीनी से है, प्रोटीन से नहीं.
- खूब पानी पिएं: शरीर को हाइड्रेटेड रखने से किडनी को यूरिन के जरिए यूरिक एसिड को अच्छे से बाहर निकालने में मदद मिलती है.
- हाइपरयूरिसीमिया – यूरिक एसिड तब वेस्ट प्रोडक्ट के रूप में बनता है जब शरीर में प्यूरीन नाम के केमिकल कंपाउंड टूटते हैं. जब इसका लेवल नॉर्मल से ज्यादा हो जाता है, तो इसे मेडिकली “हाइपरयूरिसीमिया” कहा जाता है.


