Saturday, March 28, 2026

हाई-टेक तकनीक व मजदूर कल्याण पर अब खर्च होगा सुरक्षा बजट

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संसदीय समिति की रिपोर्ट के बाद कोयला मंत्रालय का जवाब

धनबाद. वित्तीय वर्ष 2024-25 में कोयला खदानों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए तय बजट से कम राशि उपयोग होने पर उठी चिंताओं के बाद केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब यह बजट पूरी तरह हाई-टेक सुरक्षा उपकरणों, आधुनिक तकनीक और मजदूरों के कल्याण पर खर्च की जायेगी. संसदीय स्थायी समिति को सरकार ने भरोसा दिलाया है कि खदान सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता में रखा जायेगा. कोयला, खनन एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति की चौथी रिपोर्ट (18वीं लोकसभा) में 2025-26 के अनुदान पर टिप्पणी के बाद कोयला मंत्रालय ने अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) में बताया कि उसके अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) अब विश्व स्तरीय सुरक्षा प्रथाओं का अध्ययन करेंगे, ताकि खदानों में होने वाली लगातार दुर्घटनाओं पर रोक लगायी जा सके.

खदानों में लगेगी हाई-टेक सुरक्षा तकनीक :

मंत्रालय ने बताया कि अब सुरक्षा बजट का पूरा उपयोग भूमिगत खदानों में एलआइडीएआर स्कैनर, टेली-मॉनिटरिंग सिस्टम व एआइ आधारित खतरे का पता लगाने वाली तकनीक आदि में किया जायेगा. साथ ही मजदूरों की अनिवार्य बायोमीट्रिक हाजिरी, ताकि बिना भुगतान के अतिरिक्त काम (अवैतनिक ओवरटाइम) पर रोक लग सके तथा सुरक्षा उपकरणों का आधुनिकीकरण हो सके. इसके अलावा राष्ट्रीय कोयला खदान सुरक्षा पोर्टल की भी समय-समय पर समीक्षा की जायेगी, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी हो सके.

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